Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

मगन ईश्वर की भक्ति में - भजन (Magan Ishwar Ki Bhakti Me Are Mann Kiyon Nahin Hota)


मगन ईश्वर की भक्ति में - भजन
मगन ईश्वर की भक्ति में,
अरे मन क्यों नहीं होता।
पड़ा आलस्य में मुर्ख,
रहेगा कब तलक सोता॥
जो इच्छा है तेरे कट जाएं,
सारे मैल पापों के।
प्रभु के प्रेम जल से,
क्यों नहीं अपने को तू धोता॥

विषय और भोग में फंस कर,
न बर्बाद कर तू अपने जीवन को।
दमन कर चित्त की वृत्ति,
लगा ले योग में गोता॥

नहीं संसार की वास्तु,
कोई भी सुख की हेतु है।
व्यथा इनके लिए फिर क्यों,
समय अनमोल तू खोता॥

ना पत्नी काम आएगी,
ना भाई-पुत्र और पोता।
धर्म ही एक ऐसा है,
जो साथी अंत तक होगा॥

भटकता क्यों फिरे नाहक,
तू सुख के लिए मूर्ख।
तेरे ह्रदय के भीतर ही बहे,
आनंद का श्रोता॥

मगन ईश्वर की भक्ति में,
अरे मन क्यों नहीं होता।
पड़ा आलस्य में मुर्ख,
रहेगा कब तलक सोता॥

Magan Ishwar Ki Bhakti Me Are Mann Kiyon Nahin Hota in English

Magan Ishwar Ki Bhakti Mein, Are Mann Kyon Nahin Hota । Pada Aalasy Mein Murkh
यह भी जानें

Bhajan Arya Samaj BhajanVed BhajanVedic BhajanHawan BhajanYagya BhajanMotivational BhajanMorning BhajanDainik BhajanDaily BhajanPrarthana BhajanVandana BhajanJain BhajanJainism BhajanSchool BhajanInspirational BhajanShanti Dham BhajanGayatri BhajanGayatri Paiwar BhajanAWGP Pragya Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

हे विनय विनायक विनती करा: भजन

हे विनय विनायक विनती करा, म्हारे आंगन आप पधारो जी, निर्बल रा बल प्रभु आप ही हो, निर्धन रा धन प्रभु आप ही हो, मन मंदिर में सत्कार करा, म्हारे आंगन आप पधारो जी ॥

जय जय गणपति गौरी नंदन: भजन

जय जय गणपति गौरी नंदन, हम आए शरण तिहारी प्रभु, तुम रिद्धि सिद्धि के हो दाता, हम भक्तन पर बलिहारी प्रभु, जय जय गणपति गौंरी नंदन, हम आए शरण तिहारी प्रभु ॥

मेरे घर गणपति जी है आए: भजन

मेरे घर गणपति जी है आए, मेरे घर गणपति जी है आये, मैं अपने दुःख को, मैं अपने दुःख को हूँ बिसराये, वो खुशियां अपने साथ है लाए,
मेरे घर गणपति जी है आए ॥

गणपति गजवदन वीनायक: भजन

गणपति गजवदन वीनायक, थाने प्रथम मनावा जी, आना कानी मत ना करीयो, थारी किरपा चावा जी, गणपति गजवदन विनायक, थाने प्रथम मनावा जी ॥

घुमतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन: भजन

घुमतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन, खेलतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन ॥

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे आज विनायक मेरे आँगन पधारे - भजन

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे, आज विनायक मेरे आँगन पधारे, स्वागत तुम्हारा हे गणराजा, जागे हैं भाग हमारे

गणपति की सेवा मंगल मेवा

गणपति की सेवा मंगल मेवा,सेवा से सब विघ्न टरैं। तीन लोक के सकल देवता,द्वार खड़े नित अर्ज करैं॥

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP