Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

राम के दुलारे, माता जानकी के प्यारे - भजन (Ram Ke Dulare, Mata Janki Ke Pyare)


राम के दुलारे, माता जानकी के प्यारे - भजन
जय सियाराम, बोलो जय सियाराम
जय सियाराम, बोलो जय सियाराम
राम के दुलारे,
माता जानकी के प्यारे,
तुम्हे नमन हजारो बार है ।
जय बोलो बजरंग बलि की,
आज मंगलवार है ॥

मंगल को जन्मे मंगल मूर्ति,
हनुमत मंगल कारी है ।
महा विशाला अति विकराला,
हनुमान बलधारी है ।
पवन बेग से उड़ने वाले,
मनुष तेज रफ्तार है ।
जय बोलो बजरंग बलि की,
आज मंगलवार है ॥

जय सियाराम, बोलो जय सियाराम
जय सियाराम, बोलो जय सियाराम

सिया के सेवक दास राम के,
सारी अवध के प्यारे हैं ।
दीन हीन साधू संतो के,
रक्षक है रखवारे हैं ।
त्रेता युग से इस कलयुग तक,
हो रही जय जय कार है ।
जय बोलो बजरंग बलि की,
आज मंगलवार है ॥

जय सियाराम, बोलो जय सियाराम
जय सियाराम, बोलो जय सियाराम

मंगल के दिन क्यों जाता है,
मंदिर में हनुमान के ।
शनि देव जी खुश रहिते हैं,
लकी उस इंसान से ।
उसके अब अविनाश के ऊपर,
किरपा की भरमार है ।
जय बोलो बजरंग बलि की,
आज मंगलवार है ॥

राम के दुलारे,
माता जानकी के प्यारे,
तुम्हे नमन हजारो बार है ।
जय बोलो बजरंग बलि की,
आज मंगलवार है ॥

हनुमान चालीसा | श्री हनुमान आरती | संकटमोचन अष्टक | बालाजी आरती | श्री राम स्तुति

◉ श्री हनुमंत लाल की पूजा आराधना में हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और संकटमोचन अष्टक का पाठ बहुत ही प्रमुख माने जाते हैं।

Ram Ke Dulare, Mata Janki Ke Pyare in English

Ram Ke Dulare, Mata Janaki Ke Pyare, Tumhe Naman Hajaro Baar Hai ।
यह भी जानें

Bhajan Hanuman BhajanBalaji BhajanBajrangbali BhajanHanuman Janmotsav BhajanHanuman Jayanti BhajanMangalwar BhajanTuesday BhajanHanuman Path BhajanSundarkand BhajanRamayan Path BhajanVijayadashami Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

श्री हनुमान बाहुक

असहनीय कष्टों से हताश होकर अन्त में उसकी निवृत्ति के लिये गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमानजी की वन्दना आरम्भ की जो कि ४४ पद्यों के हनुमानबाहुक प्रसिद्ध स्तोत्र लिखा।

अमृत की बरसे बदरीया - भजन

अमृत की बरसे बदरीया, बाबा की दुअरिया, अमृत की बरसें बदरीया, बाबा की दुअरिया ॥

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी - भजन

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे । मन मंदिर की जोत जगा दो..

हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे: भजन

हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे, सुन सांवरे हारे का सहारा, तेरा नाम रे ॥

भजन: हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना..

हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना, लागी लगन मत तोडना, प्यारे लागी लगन मत तोडना...

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।..

एक हरि को छोड़ किसी की चलती नहीं है मनमानी - भजन

एक हरि को छोड़ किसी की, चलती नहीं है मनमानी, चलती नही है मनमानी......

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP