बाहुबली से शिव तांडव स्तोत्रम, कौन-है वो (Shiv Tandav Stotram And Kon Hai Woh From Bahubali)


बाहुबली से शिव तांडव स्तोत्रम, कौन-है वो

जटा कटा हसं भ्रमभ्रमन्नि लिम्प निर्झरी,
विलोलवी चिवल्लरी विराजमान मूर्धनि।
धगद्धगद्धग ज्ज्वल ल्ललाट पट्ट पावके,
किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम॥

कौन-है वो, कौन-है वो, कहाँ से वो आया
चारों दिशायों में, तेज़ सा वो छाया
उसकी भुजाएँ बदलें कथाएँ,
भागीरथी तेरे तरफ शिवजी चलें
देख ज़रा ये विचित्र माया

धरा धरेन्द्र नंदिनी विलास बन्धु बन्धुर,
स्फुर द्दिगन्त सन्तति प्रमोद मान मानसे।
कृपा कटाक्ष धोरणी निरुद्ध दुर्धरापदि,
क्वचि द्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि॥

जटा भुजङ्ग पिङ्गल स्फुरत्फणा मणिप्रभा,
कदम्ब कुङ्कुम द्रवप्रलिप्त दिग्व धूमुखे।
मदान्ध सिन्धुर स्फुरत्त्व गुत्तरी यमे दुरे,
मनो विनोद मद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि॥

मूल श्रीरावण कृतम् शिव ताण्डव स्तोत्रम

Shiv Tandav Stotram And Kon Hai Woh From Bahubali in English

Jata Kata Hans Bhramabhramanni Limp Nirjhari, Vilolavi Chivallari Virajaman Murdhani...
यह भी जानें

Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanSavan BhajanMonday BhajanSomvar BhajanSolah Somvar BhajanTerash BhajanTriyodashi Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

जय जय जननी श्री गणेश की: भजन

जय जय जननी श्री गणेश की, प्रतीभा परमेश्वर परेश की, जय जय जननी श्री गणेश की..

भजन: गणपति आज पधारो, श्री रामजी की धुन में

गणपति आज पधारो, श्री रामजी की धुन में। मोदक भोग लगाओ, श्री रामजी की धुन मे..

तेरी सूरत पे जाऊं बलिहार रसिया: भजन

तेरी सूरत पे जाऊं बलिहार रसिया, मैं तो नाचूंगी तेरे दरवार रसिया ॥..

तुम करुणा के सागर हो प्रभु: भजन

तुम करुणा के सागर हो प्रभु, मेरी गागर भर दो थके पाँव है...

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन: भजन

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार। पवनसुत विनती बारम्बार॥ अष्ट सिद्धि, नव निद्दी के दाता...

भजन: श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में!

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में, देख लो मेरे मन के नागिनें में।

भजन: कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं!

कलियुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं हनुमान तुम्हारा क्या कहना। तेरी शक्ति का क्या कहना...

🔝