Sawan 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

महर्षि कपिल (Maharshi Kapila)


भक्तमाल | कपिल
असली नाम: महर्षि कपिल
अन्य नाम - चक्रधनुष
शिष्य - आसुरि
आराध्य - भगवान विष्णु
जन्म - 7वीं से 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व, कार्तिक पूर्णिमा
जन्म स्थान - बिंदुसरोवर (आज का कोलायत, बीकानेर के पास, राजस्थान)
वैवाहिक स्थिति - विवाहित
पिता - कर्दम
माता - देवहूति
पत्नी - धृति
संस्थापक - हिंदू दर्शन की सांख्य विचारधारा
महर्षि कपिल प्राचीन भारत के एक सम्मानित ऋषि हैं, जिन्हें पारंपरिक रूप से हिंदू विचारधारा की छह आस्तिक प्रणालियों में से एक, सांख्य दर्शन का संस्थापक माना जाता है।

महर्षि कपिल कौन थे?
❀ उन्हें अक्सर कपिल मुनि या महर्षि कपिल कहा जाता है।
❀ पारंपरिक हिंदू ग्रंथों में उन्हें एक महान ऋषि और कभी-कभी विष्णु का अवतार बताया गया है।
❀ उनकी शिक्षाएँ इनके बीच अंतर पर ज़ोर देती हैं: पुरुष (शुद्ध चेतना, स्वयं/आत्मा), प्रकृति (पदार्थ या कुदरत) और सांख्य दर्शन।

कपिल मुनि की सांख्य प्रणाली भारत की सबसे पुरानी दार्शनिक परंपराओं में से एक है-
❀ इंसानी दुख चेतना और पदार्थ के बीच के अंतर को न जानने (अज्ञानता) से पैदा होते हैं।
❀ मुक्ति (मोक्ष) सच्चे ज्ञान से मिलती है।
❀ ब्रह्मांड का विकास मूल प्रकृति (प्रकृति) से विभिन्न सिद्धांतों (तत्वों) के माध्यम से होता है।

यह दर्शन बहुत विश्लेषणात्मक है और इसने बाद की हिंदू परंपराओं, खासकर योग को प्रभावित किया। महर्षि कपिल का ज़िक्र कई हिंदू ग्रंथों में मिलता है, जिनमें शामिल हैं:
❀ भागवत पुराण
❀ महाभारत
❀ भगवद गीता

भागवत पुराण में, कपिल अपनी माँ देवहूति को आध्यात्मिक ज्ञान और आत्म-साक्षात्कार की शिक्षा देते हैं। कपिल को भारतीय बौद्धिक इतिहास के सबसे महान दार्शनिकों में से एक माना जाता है। चेतना, पदार्थ, कार्य-कारण और मुक्ति पर उनके विश्लेषण ने सदियों से हिंदू, बौद्ध और जैन विचारधारा को प्रभावित किया है।

Maharshi Kapila in English

Maharshi Kapila is a revered ancient Indian sage traditionally regarded as the founder of the Sāṃkhya school of philosophy, one of the six orthodox (Āstika) systems of Hindu thought.
यह भी जानें

Bhakt Markandeya Rishi BhaktBhagavata Purana BhaktMahabharata BhaktBhagavad Gita BhaktMaharishi Vashishtha BhaktSaptarishi BhaktBhagwan Ram BhaktRamayan BhaktMaharishi Vishwamitra BhaktMaharishi Valmiki Bhakt

अगर आपको यह भक्तमाल पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भक्तमाल को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Bhakt ›

कृपालु महाराज

भक्तमाल | जगद्गुरू श्री कृपालु जी महाराज | असली नाम - श्री राम कृपालु त्रिपाठी | आराध्य - श्री राधा कृष्ण | जन्म - शरद पूर्णिमा, 5 अक्टूबर 1922

शबरी

हिंदू महाकाव्य रामायण में सबरी एक बुजुर्ग महिला तपस्वी हैं। उनकी भक्ति के कारण उन्हें भगवान राम के दर्शन का आशीर्वाद मिला। वह भील समुदाय की शाबर जाति से संबंधित थी इसी कारण से बाद में उसका नाम शबरी रखा गया।

दादा देव महाराज

दादा देव महाराज राजस्थान के टोंक में टोडारायसिंह के सोलंकी वंश के एक प्रसिद्ध संत थे। उन्होंने 717 AD (VS 774) में 120 वर्ष की आयु में समाधि ली थी।

श्री नारायण गुरु

श्री नारायण गुरु भारत में एक दार्शनिक, आध्यात्मिक नेता और समाज सुधारक थे।

तुलसीदास जी

भक्तमाल | गोस्वामी तुलसीदास | असली नाम - रामबोला दुबे | गुरु - नरहरिदास | आराध्य - श्री रामचंद्र, भगवान शिव

संत रामदास दंदरौआ धाम

संत रामदास जी महाराज का जन्म भिंड जिले के मदरोली गांव में एक धार्मिक चचोर सनाढ्य ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनमें सादगी, भक्ति और ईश्वर के प्रति अगाध प्रेम की गहरी भावना थी।

महात्मा लटूरी सिंह

महात्मा लटूरी सिंह हिन्दू, योगी, सन्यासी थे। वो जीवन भर स्कूल बनवाते रहे। उन्होंने सरकार को नही कोसा बल्कि वो उठे और उन्होंने अपनी संपत्ति से भिक्षा से दान से स्कूल बनवाये।

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP