Sawan 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

सावित्री अमावस्या उत्सव ( Savitri Amavasya Utshav)

 सावित्री अमावस्या उत्सव
सावित्री व्रत ओडिशा और भारत के पूर्वी हिस्सों में विवाहित महिलाओं द्वारा पति के लिए मनाया जाता है। उत्तर भारत में वट सावित्री पूजा और तमिलनाडु में करादेयिन सावित्री नोम्बु उत्सव सहित सावित्री और सत्यवान पौराणिक कथाओं पर आधारित कई व्रत हैं। 2022 में सावित्री व्रत की तिथि 30 मई है। सावित्री व्रत ज्येष्ठ के महीने में अमावस्या के दिन पड़ता है। यह लोकप्रिय अनुष्ठान महाभारत में सावित्री - सत्यवान किंवदंती पर आधारित है।
किंवदंती है कि सावित्री अपने पति सत्यवान को मृत्यु के देवता यमराज के चंगुल से छुड़ाने में सक्षम थी। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प, साहस और लगन से इस असंभव कार्य को हासिल किया।

व्रत प्रक्रिया:
सावित्री व्रत सूर्योदय से सूर्यास्त तक है। जिस दिन सभी विवाहित महिलाएं अनिवार्य रूप से भाग लेती हैं उस दिन एक महत्वपूर्ण घटना सावित्री व्रत कथा (सावित्री की कहानी) का वाचन है। कुछ क्षेत्रों में, विवाहित महिलाओं के माता-पिता या भाई सावित्री व्रत पूजा के लिए आवश्यक सभी सामग्री बेहेन को देते हैं।

सावित्री व्रत कथा:

उसके बाद हिंदू पौराणिक कथाओं में सावित्री को सती सावित्री नाम दिया गया है।

Savitri Amavasya Utshav in English

Savitri Brat is observed by married women in Odisha and eastern parts of India for the wellbeing of husbands.
यह भी जानें

Blogs Savitri Puja BlogsVat Sabitri BlogsSavitri Vrat Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम मे मंदिरों का योगदान - ब्लॉग

सनातन परंपरा के मुख्य केंद्र मंदिर, इस अभूतपूर्व घटना का साक्षी बनाने से अपने को कैसे रोक पता? आइए जानते हैं किस-किस मंदिर का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान रहा।

मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है?

मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि दोनों में ही भगवान शिव की पूजा का विधान है, लेकिन फिर भी दोनों को एक दूसरे से अलग माना जाता है।

जगन्नाथ मंदिर प्रसाद को 'महाप्रसाद' क्यों कहा जाता है?

जगन्नाथ मंदिर में सदियों से पाया जाने वाला महाप्रसाद लगभग 600-700 रसोइयों द्वारा बनाया जाता है, जो लगभग 50 हजार भक्तों के बीच वितरित किया जाता है।

सावन शिवरात्रि 2026

आइए जानें! सावन शिवरात्रि से जुड़ी कुछ जानकारियाँ एवं सम्वन्धित कुछ प्रेरक तथ्य.. | बृहस्पतिवार, 30 जुलाई 2026 से शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 तक

शिवलिंग पर बेलपत्र कैसे चढ़ाएं?

शिवलिंग पर बेलपत्र (बिल्व पत्र) चढ़ाते समय, हिंदू धर्मग्रंथों और पारंपरिक पूजा पद्धतियों के अनुसार, इसे एक विशिष्ट विधि से अर्पित किया जाना चाहिए।

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

अमेरिका में कैसे मनाई जाती है जन्माष्टमी?

अमेरिका श्रीकृष्ण के मंदिरों में जन्माष्टमी के त्यौहार पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है और त्योहार का उत्सव भव्य रूप से मनाया जाता है। जन्माष्टमी उत्सव के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका में मंदिर द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, पुजारियों और अन्य वक्ताओं द्वारा भगवान श्री कृष्ण के जीवन से सबक सुनाया जाते हैं।

Sawan 2026 - Sawan 2026
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP