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पितृ गायत्री मंत्र (Pitra Gaytri Mantra)


ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च ।
नमः स्वाहायै स्वाधायै नित्यमेव नमो नमः ॥
ॐ पितृभ्यो नमः ॥
यह भी जानें
मंत्र का मूल रूप

ॐ सिद्धमिदमासनमिह सिद्धमित्यभिधाय ॐ भूः ॐ भुवः ॐ स्वः ॐ महः
ॐ जनः ॐ तपः ॐ सत्यमिति सप्तव्याहृतिभिः पूर्वमुखन्देवब्राह्मणोपवेशनम् ।
उत्तरदिङ्मुखंपितृब्राह्मयोणोपवेशनम् ।
ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च ।
नमः स्वधायै स्वाहायै नित्यमेव भवन्तुते इति त्रिर्जपेत् ॥ १,२१८.६॥
- गरुडपुराणम् / आचारकाण्डः / अध्यायः २१८ / ६

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मंत्र ›

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