Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

श्री हनुमान मन्त्र (Shri Hanuman Mantra)


भगवान हनुमान हिन्दु धर्म में सर्वाधिक लोकप्रिय देवताओं में से एक हैं। भगवान हनुमान को भगवान राम के एक आदर्श भक्त के रूप में घर-घर में पूजा जाता है। भगवान हनुमान की पूजा शक्ति एवं साहस प्राप्त करने हेतु भी की जाती है, जो वह अपने भक्तों को प्रदान करते हैं।
भक्तगण हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु हनुमान मन्त्र का जाप करते हैं। भगवान हनुमान के कुछ मन्त्र अत्यन्त लोकप्रिय हैं, क्योंकि ये मन्त्र अत्यधिक प्रभावशाली माने जाते हैं।


1. हनुमान मूल मन्त्र
ॐ श्री हनुमते नमः॥

2. हनुमान गायत्री मन्त्र
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥

3. मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् मन्त्र
मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्।
वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥

Shri Hanuman Mantra in English

Om Shri Hanumate Namah ॥
यह भी जानें

Mantra Shri Hanuman Mantra MantraHanuman MantraBalaji MantraBajrangbali MantraHanuman Janmotsav MantraMangalwar MantraTuesday MantraHanuman Path Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

श्री बुध देव जी के मंत्र

प्रियंगुकलिकाश्यामं रुपेणाप्रतिमं बुधम । सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम ।।

राहु मंत्र

ऊँ ऎं ह्रीं राहवे नम: ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:

श्री रुद्राष्टकम्

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...

पार्वती वल्लभा अष्टकम्

नमो भूथ नाधम नमो देव देवं, नाम कला कालं नमो दिव्य थेजं, नाम काम असमं, नाम संथ शीलं...

शम्भु स्तुति - नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं

नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं नमामि सर्वज्ञमपारभावम् । नमामि रुद्रं प्रभुमक्षयं तं नमामि शर्वं शिरसा नमामि ॥..

शंख पूजन मन्त्र

शंख को पूजा कार्य मे सम्लित करने हेतु, निम्न लिखित मंत्र का जप करना चाहिए।..

अयमात्मा ब्रह्म महावाक्य

अयमात्मा ब्रह्म भारत के पुरातन हिंदू शास्त्रों व उपनिषदों में वर्णित महावाक्य है, जिसका शाब्दिक अर्थ है यह आत्मा ब्रह्म है।

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP