Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

श्री मल्लिकार्जुन मंगलाशासनम् (Shri Mallikarjuna Mangalashasanam)


श्री मल्लिकार्जुन मंगलाशासनम्
उमाकांताय कांताय कामितार्थ प्रदायिने
श्रीगिरीशाय देवाय मल्लिनाथाय मंगलम् ॥
सर्वमंगल रूपाय श्री नगेंद्र निवासिने
गंगाधराय नाथाय श्रीगिरीशाय मंगलम् ॥

सत्यानंद स्वरूपाय नित्यानंद विधायने
स्तुत्याय श्रुतिगम्याय श्रीगिरीशाय मंगलम् ॥

मुक्तिप्रदाय मुख्याय भक्तानुग्रहकारिणे
सुंदरेशाय सौम्याय श्रीगिरीशाय मंगलम् ॥

श्रीशैले शिखरेश्वरं गणपतिं श्री हटकेशं
पुनस्सारंगेश्वर बिंदुतीर्थममलं घंटार्क सिद्धेश्वरम् ।
गंगां श्री भ्रमरांबिकां गिरिसुतामारामवीरेश्वरं
शंखंचक्र वराहतीर्थमनिशं श्रीशैलनाथं भजे ॥

हस्तेकुरंगं गिरिमध्यरंगं शृंगारितांगं गिरिजानुषंगम्
मूर्देंदुगंगं मदनांग भंगं श्रीशैललिंगं शिरसा नमामि ॥

Shri Mallikarjuna Mangalashasanam in English

Umakantay Kantay Kamitarth Pradayine, Shrigirishay Devaya Mallinathaya Mangalam ॥ Sarvmangal Rupay Shri Nagendra Niwasine..
यह भी जानें

Mantra Tandav MantraShiv MantraBholenath MantraMahadev MantraShivaratri MantraSavan Ke Somvar MantraMonday MantraSomwar MantraSomvati Amavasya Mantra

अन्य प्रसिद्ध श्री मल्लिकार्जुन मंगलाशासनम् वीडियो

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

श्री दुर्गा देवी स्तोत्रम्

श्री युधिष्ठिर विरचितं | श्रीगणेशाय नमः । श्री दुर्गायै नमः । नगरांत प्रवेशले पंडुनंदन । तो देखिले दुर्गास्थान । धर्मराज करी स्तवन । जगदंबेचे तेधवा ॥

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् - अयि गिरिनन्दिनि

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते, गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते । महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् नवरात्रि के दौरान माता रानी का सबसे ज्यादा सुना और पढ़ा जाने वाला संस्कृत श्लोक है

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी..

सूर्य कवच

आरोग्य एवम् विजय प्राप्त्यर्थ हेतु सूर्य भगवान का श्री सूर्य कवच। याज्ञवल्क्य उवाच: श्रुणुष्व मुनिशार्दूल सूर्यस्य कवचं शुभम् ।

श्री मंगल देव जी के मंत्र

ऊँ अं अंगारकाय नम: ऊँ भौं भौमाय नम:

श्री विष्णु स्तुति - शान्ताकारं भुजंगशयनं

शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् ।

श्री गंगा स्तोत्रम्

देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे त्रिभुवनतारिणि तरलतरङ्गे। शङ्करमौलिविहारिणि विमले मम मतिरास्तां तव पदकमले॥

Durga Chalisa - Durga Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP