करवा चौथ | अहोई अष्टमी | आज का भजन!

येषां न विद्या न तपो न दानं... (Yeshaan Na Vidya Na Tapo Na Danan)


येषां न विद्या न तपो न दानं,
ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः।
ते मर्त्यलोके भुविभारभूता,
मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति॥

हिन्दी भावार्थ:
जिन लोगों के पास न तो विद्या है, न तप, न दान, न शील, न गुण और न धर्म।
वे लोग इस पृथ्वी पर भार हैं और मनुष्य के रूप में मृग/जानवर की तरह से घूमते रहते हैं।

Yeshaan Na Vidya Na Tapo Na Danan - Available in English

Yeshan Na Vidya Na Tapo Na Danam Jyanam Na Shilam Na Guno Na Dharmah...
यह भी जानें

MantraVedic MantraVed MantraStudent Mantra


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

नाम रामायणम

नाम रामायणम संस्कृत में ऋषि वाल्मीकि द्वारा लिखित महाकाव्य रामायण का सघन संस्करण है। नाम रामायणम में 108 श्लोक हैं...

दैनिक हवन-यज्ञ विधि!

दैनिक हवन-यज्ञ करने की सही और सरल विधि। और जानें मंत्रों का समयानुसार सही उपयोग उनके भावार्थ के साथ...

मंत्र: माँ गायत्री

गायत्री मंत्र को हिन्दू धर्म में सबसे उत्तम मंत्र माना जाता है। इस मंत्र का हिंदी में मतलब है...

श्री गणेश मंत्र - गजाननं भूत गणादि सेवितं!

गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्। उमासुतं शोक विनाशकारकम्...

दुर्गा पूजा पुष्पांजली!

प्रथम पुष्पांजली मंत्र ॐ जयन्ती, मङ्गला, काली, भद्रकाली, कपालिनी।

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम्।

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते
गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते ।

श्री शङ्कराचार्य कृतं - अन्नपूर्णा स्तोत्रम्।

नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी, निर्धूताखिलघोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी।

॥श्रीमहालक्ष्मीस्तोत्रम् विष्णुपुराणान्तर्गतम्॥

सिंहासनगतः शक्रस्सम्प्राप्य त्रिदिवं पुनः। देवराज्ये स्थितो देवीं तुष्टावाब्जकरां ततः॥

नाम त्रय अस्त्र मन्त्र

अच्युताय नमः जो कभी चुय्त नहीं होते। गोविन्दाय नमः जिनकी सत्ता से इन्द्रियाँ विचरण करती हैं।

top