नवरात्रि विशेष 2026 - Navratri Specials 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

श्री जगन्नाथ संध्या आरती (Shri Jagganath Sandhya Aarti)


अनंत रूप अन्नांत नाम
अनंत रूप अन्नांत नाम,
अनंत रूप अन्नांत नाम,
आधी मूला नारायाणा
आधी मूला नारायाणा
अनंत रूप अन्नांत नाम,
अनंत रूप अन्नांत नाम,
आधी मूला नारायाणा
आधी मूला नारायाणा

विस्वा रूपा विस्वा धारा
विस्वा रूपा विस्वा धारा
विस्ववयापका नारायाणा
विस्ववयापका नारायाणा
विस्वा तेजसा प्रज्ञा स्वरूपा
विस्वा तेजसा प्रज्ञा स्वरूपा

हे ढाया सिंधो कृष्णा हे ढाया
अनंता सयाना हे जगानाथा
अनंता सयाना हे जगानाथा
कमला नयना हे माधवा
कमला नयना हे माधवा
करुणा सागरा कालिया नर्धना
करुणा सागरा कालिया नर्धना

हे ढाया सिंधो कृष्णा
हे ढाया सिंधो कृष्णा
हे कृपा सिंधो कृष्णा
हे कृपा सिंधो कृष्णा

अनंत रूप अन्नांत नाम,
अनंत रूप अन्नांत नाम,
आधी मूला नारायाणा
आधी मूला नारायाणा

Shri Jagganath Sandhya Aarti in English

Anant Roop Annant Naam, Aadhi Moola Narayana

Aarti Jagannath Aarti AartiJagannath Sandhya Aarti AartiPuri Jagannath Aarti Aarti

अगर आपको यह आरती पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस आरती को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

आरती ›

श्री गणेश आरती

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥...

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी - आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी, तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली: माँ दुर्गा, माँ काली आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गाये भारती...

श्री सिद्धिविनायक आरती: जय देव जय देव

श्री सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई, श्री गणेश आरती | सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची | जय देव जय देव..

ॐ जय जगदीश हरे आरती

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

श्री गंगा आरती

ॐ जय गंगे माता श्री जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता मनवांछित फल पाता॥ हर हर गंगे, जय माँ गंगे...

हनुमान आरती

मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम्॥ आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥..

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP