होली के भजन (Holi Bhajan)


होली एक ऐसा रंगबिरंगा त्योहार है, जिसमे हर धर्म के लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ रंगों से, मिष्ठानो से, भजनों से जाति बंधन से परे संदेश देते हैं। होली में रंगों का प्रयोग जितना आवश्यक है उतना ही आवश्यक भजनों का गाया जाना भी है। भजनों में रसिया, ठुमरी एवं राग गाये जाते हैं, इन सभी प्रकार के भजनों को होली के दौरान गायन के कारण, होरी गायन भी कहते हैं।
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आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा, कोटि कोटि प्रणाम शम्भू..

मैं भोला पर्वत का - शिव भजन

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सवारी महाकाल की आई - भजन

आओ प्यारे भक्तों, भोले बाबा को मनाएं हम, फूलों से सवारी, महाकाल की सजाए हम, करता धराशाई पापियों की चाल, ऐसा न्याय प्रिय है मेरा महाकाल, उज्जैन भ्रमण को निकले, मेरे महाकाल, सवारी महाकाल की आई, सवारी महाकाल की आईं,
ॐ नम: शिवाय ॐ नम: शिवाय ॥

लूटूरू महादेव चलो - भजन

लूटरू महादेव जय जय, लुटरू महादेव जी, लूटूरू महादेव चलो, लूटूरु महादेव जी, सारी दुनियां ध्याए, गाए गुण महादेव जी, लुटरू महादेव चलो, लूटरु महादेव जी ॥

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मैंने पाया नशा है, मेरा बस तुझमे, मेरे भोले मेरे भोले, छोड़ चिंता मिली हूँ, मैं तो बस तुझमे, मेरे भोले मेरे भोले, नमो नमो हे भोले शंकरा,
शंकरा भोले शंकरा ॥