होली के भजन (Holi Bhajan)


होली एक ऐसा रंगबिरंगा त्योहार है, जिसमे हर धर्म के लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ रंगों से, मिष्ठानो से, भजनों से जाति बंधन से परे संदेश देते हैं। होली में रंगों का प्रयोग जितना आवश्यक है उतना ही आवश्यक भजनों का गाया जाना भी है। भजनों में रसिया, ठुमरी एवं राग गाये जाते हैं, इन सभी प्रकार के भजनों को होली के दौरान गायन के कारण, होरी गायन भी कहते हैं।
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

जगन्नाथ स्वामी प्रभु नीलांचल के नाथ - भजन

जगन्नाथ स्वामी प्रभु नीलांचल के नाथ, सुन लो पुकार प्रभु नीलांचल के नाथ॥

गजबदन - भजन

तुम हो संकट हरण नाथ असरन सरन l सारा त्रिभुवन तुम्हे कर रहा है नमन l शिव दुलारे हो......गौरी के प्यारे सुवन.. गजबदन ~गजबदन ~गजबदन

गौरी के लाला हो, मेरे घर आ जाना: भजन

गौरी के लाला हो, मेरे घर आ जाना, घर आँगन की ओ देवा, शोभा बढ़ा जाना, गौरी के लाला हों, मेरे घर आ जाना ॥

हम नैन बिछाए हैं, हे गणपति आ जाओ: भजन

माथे पर सिंदूर है प्यारा, पीताम्बर है तन पर धारा, सब आस लगाए है, हे गणपति आ जाओ, हम नैन बिछाए हैं, हे गणपति आ जाओ ॥

दर्शन को तेरे आया: भजन

दर्शन को तेरे आया, सब देव तेरी माया, पूजा करेंगे तेरी, सेवा करेंगे तेरी ॥