Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

कि बन गए नन्दलाल लिलिहारि - भजन (Ki Ban Gaye Nandlal Lilihari)


कि बन गए नन्दलाल लिलिहारि - भजन
कि बन गए नन्दलाल लिलिहारि,
री लीला गुदवाय लो प्यारी ।
दृगन पै लिख दे दीनदयाल
नासिका पै लिख दे नन्दलाल
कपोलन पै लिख दे गोपाल
माथे लिख दे, मोहन लाल
श्रवनन पै लिख सांवरो, अधरन आनंदकंद,
ठोड़ी पै ठाकुर लिखो, गले में गोकुलचन्द ।
छाती पै लिख छैल, बाँहन पै लिख दे बनवारी ।
कि बन गए नन्दलाल लिलिहारि,
री लीला गुदवाय लो प्यारी ।

हाथन पै हलधर जी को भईया लिख ,
संग संग तू आनंद-करैया लिख
उंगरिन पै प्यारो कृष्ण कन्हैया लिख
कहूं कहूं वृन्दावन बंसी को बजैया लिख
पेट पै लिख दे परमानन्द
नाभि पै लिख दे तू नन्दनन्द
पिण्डरी पै लिख दे घनश्याम
चरण पै चितचोर को नाम
रोम-रोम में लिख दे मेरो सांवरो गिरिधारी ।
कि बन गए नन्दलाल लिलिहारि,
री लीला गुदवाय लो प्यारी ।

सखी देखत सब रह गयी कौन प्रेम को फंद
बिसे बिस कोई और नहीं ये छलिया ढोटा नन्द
अंगिया में देखि कसी मुरली परम रसाल
प्यारो प्यारो कह कह हिय लायो नंदलाल ।
कि बन गए नन्दलाल लिलिहारि,
री लीला गुदवाय लो प्यारी ।

Ki Ban Gaye Nandlal Lilihari in English

Ki Ban Gaye Nandlal Lilihari
यह भी जानें

बन गए नन्दलाल लिलिहारि,
के लीला गुदवा लो प्यारी ।
गुदवा लो प्यारी, के लीला गुदवा लो प्यारी
बन गए नन्दलाल ।

लहँगा पहन, ओढ़ी सिर साड़ी,
अँगिया पक्की जरी किनारी
शीश पे शीशफूल बैना,
लगाय लिया काजल दोऊ नैना
पहन लिया नख-शिख सों गहना ।
बलिहारी नंदनंदन की, बन गए नर से नार।
बलिहारी नंदनंदन की, बन गए
बन गए नर से नार, के झोली कंधा पे डारी ।
बन गए श्यामसुंदर लिलिहारि,
के लीला गुदवा लो प्यारी ।

डाल झोली को कृष्ण मुरार,
गुदाय लेओ लीला कहें पुकार।
लीला कहें पुकार, गुदाय लेओ लीला कहें पुकार ।
कहन लगीं लिलिहारि से,
के लिखियो खूब सँभार ।
लिखियो खूब सँभार,
कसर कुछ रह न जाए प्यारी,
बन गए श्यामसुंदर लिलिहार,
के लीला गुदवा लो प्यारी ।

शीश पे लिख दे श्री गिरिधारी,
माथे पे लिख दे, मदन मुरारी।
दृगन पे लिख दे दीनदयाल
नासिका पे लिख दे नन्दलाल
कपोलन पे लिख कृष्ण गुपाल।
ठोड़ी पे ठाकुर लिखो और गले पे गोपीचन्द ।
छाती पे लिख छैल,
दोऊ बाँहन पे बनवारी ।
बन गए श्यामसुंदर लिलिहारि,
के लीला गुदवा लो प्यारी।

हाथन पे हलधर जी को भईया,
उंगरिन पे आनंद-करइया।
पेट पे लिख दे परमानन्द
नाभि पे लिख दे तू नन्दनन्द
जाँघ पे लिख दे जय गोविन्द।
चरणों में चितचोर लिख,
नखों पे नन्द का लाल ।
रोम-रोम में लिखो रमापति राधा बनवारी ।
बन गए श्यामसुंदर लिलिहारि,
के लीला गुदवा लो प्यारी।

लीला गोद प्रेम जब आया,
तन-मन का प्रभु होश गँवाया ।
खबर झोली-डांडा की नाँय
धरणि पर चरण नहीं ठहराँय
सखी सब देखत ही रह जाँय ।
बिच में छिपा दीखे सखी,
छलिया यह ढोटा नन्द का ।
चोली में बंसी छिप रही,
राधे ने ली है निहार के।
प्यारी ने प्यारे जब लखे,
भेंटे हैं भुजा पसार के।
प्रभु चरण–कमल पे जाऊँ बलिहारी ।
बन गए श्यामसुंदर लिलिहारि,
के लीला गुदवा लो प्यारी।

Bhajan Shri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanLaddu Gopal BhajanRadhashtami BhajanHoli BhajanPhalguna BhajanIskcon Bhajan

अन्य प्रसिद्ध कि बन गए नन्दलाल लिलिहारि - भजन वीडियो

Bankey Bihari Music

Ram Avatar Sharma

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे - भजन

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे, जगन्नाथ, जगन्नाथ, चका नैन, चका नैन

बाबा मेरे जगन्नाथ तेरा चर्चा हो ग्या रे - भजन

बाबा मेरे जगन्नाथ तेरा चर्चा हो ग्या रै, यो खाती का छौरा बाबा तेरा हो ग्या सै..

ମିଛ ଦୁନିଆରେ ଗୋଟିଏ ସତ - भजन

ମିଛ ଦୁନିଆରେ ଗୋଟିଏ ସତ (୨), ଜଗନ୍ନାଥ ସେ ମୋ ଜଗନ୍ନାଥ (୨)

जय जगन्नाथ हमें रहना आपके चरणों में - जगन्नाथ भजन

शुभ शुभ दिन आया शुभ घड़ी, जय जगन्नाथ से गूंजा आसमान, उसे चारों धाम का पुण्य मिला, जो करके पूर्ण तेरी परिक्रमा

जय जय जगन्नाथ जग के नाथ - जगन्नाथ भजन

जय जय जगन्नाथ जग के नाथ, हम तुम्हें भजते हैं दिन रात, जिनका न कोई तुम उनके साथ, हम तुम्हें भजते हैं दिन रात

कोई लाख करे चतुरायी: भजन

कोई लाख करे चतुरायी, करम का लेख मिटे ना रे भाई, जरा समझो इसकी सच्चाई रे...

भजन: अमृत बेला गया आलसी सो रहा बन आभागा !

बेला अमृत गया, आलसी सो रहा, बन आभागा, साथी सारे जगे, तू न जागा...

Durga Chalisa - Durga Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP