Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

जैसे होली में रंग, रंगो में होली: भजन (Jaise Holi Mein Rang Rango Mein Holi)


जैसे होली में रंग, रंगो में होली: भजन
जैसे होली में रंग,
रंगो में होली
वैसे कान्हा मेरा,
मैं कान्हा की हो ली
रोम रोम मेरा,
कान्हा से भरा
अब कैसे में खेलूँ री,
आँखमिचोली ॥
मैं तो कान्हा से मिलने अकेली चली,
संग संग मेरे,
सारे रंग चले,
ज़रा बचके रहो,
ज़रा हटके चलो,
बड़ी नटखट है,
नव रंगों की टोली ॥

अब तो तन मन पे श्याम रंग चढा,
कंचन के तन रतन जडा,
बनठन के मैं बैठी,
दुल्हन की तरहा,
कान्हा लेके चला,
मेरे प्रेम की डोली ॥

Jaise Holi Mein Rang Rango Mein Holi in English

Jese Holi Mein Rang, Rango Mein Holi, Wese Kanha Mera, Main Kanha Ki Ho Li, Rom Rom Mera, Kanha Se Bhara, Ab Kese Mian Khelun Ri, Ankhmicholi ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanShri Shayam BhajanHoli BhajanPhagun Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

तुम्हे हर घडी माँ प्यार करेगी - भजन

तुम्हे हर घडी माँ प्यार करेगी, जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो, झुलाएगी पलकों के झूले में तुझको, बस एक बार माँ तुम बुला करके देखो, तुम्हे हर घडी माँ प्यार करेगी, जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो ॥

अपने चरणों का सेवक, बना लो: भजन

हमें अपने गले से लगा लो माँ, अपने चरणों का सेवक, बना लो माँ ॥

दादी के दरबार की, महिमा अपरम्पार: भजन

दादी के दरबार की, महिमा अपरम्पार, हरपल भक्तों के ऊपर, माँ बरसे तेरा प्यार, दादी कें दरबार की, महिमा अपरम्पार ॥

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं: भजन

तेरी ममता से जो गहरा हो, ऐसा तो सागर कोई नहीं, मेरी माँ के बराबर कोई नहीं..

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए: भजन

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए, ओ मैया तेरे दरबार, में हाँ तेरे दीदार, कि मैं आऊंगा, कभी न फिर जाऊँगा...

चौसठ जोगणी रे भवानी: राजस्थानी भजन

चौसठ जोगणी रे भवानी, देवलिये रमजाय, घूमर घालणि रे भवानी, देवलिये रमजाय ॥ देवलिये रमजाय म्हारे, आंगणिये रमजाय..

यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ - माँ संतोषी भजन

यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ, मत पूछो कहाँ-कहाँ, है सँतोषी माँ !

Durga Chalisa - Durga Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP