Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का - भजन (Mukut Sir Mor Ka, Mere Chit Chor Ka)


मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का - भजन
मुकुट सिर मोर का,
मेरे चित चोर का ।
दो नैना सरकार के,
कटीले हैं कटार से ॥
कमल लज्जाये तेरे,
नैनो को देख के ।
भूली घटाएँ तेरी,
कजरे की रेख पे ।
यह मुखड़ा निहार के,
सो चाँद गए हार के,
दो नैना सरकार के,
कटीले हैं कटार से ॥

मुकुट सिर मोर का,
मेरे चित चोर का ।
दो नैना सरकार के,
कटीले हैं कटार से ॥

कुर्बान जाऊं तेरी,
बांकी अदाओं पे ।
पास मेरे आजा तोहे,
भर मैं भर लूँ मैं बाहों में ।
जमाने को विसार के,
दिलो जान तोपे वार के,
दो नैना सरकार के,
कटीले हैं कटार से ॥

मुकुट सिर मोर का,
मेरे चित चोर का ।
दो नैना सरकार के,
कटीले हैं कटार से ॥

रमण बिहारी नहीं,
तुलना तुम्हारी।
तुझ सा ना पहले,
कोई ना देखा अगाडी ।
दीवानों ने विचार के,
कहा यह पुकार के,
दो नैना सरकार के,
कटीले हैं कटार से ॥

मुकुट सिर मोर का,
मेरे चित चोर का ।
दो नैना सरकार के,
कटीले हैं कटार से ॥

Mukut Sir Mor Ka, Mere Chit Chor Ka in English

Mukut Sir Mor Ka, Mere Chit Chor Ka । Do Naina Sarkar Ke, Katile Hain Katar Se
यह भी जानें

Bhajan Shri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanLaddu Gopal BhajanRadhashtami BhajanHoli BhajanPhalguna BhajanIskcon BhajanDevi Chitralekhaji Bhajan

अन्य प्रसिद्ध मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का - भजन वीडियो

मुकुट सिर मोर का - सुश्री पूर्णिमा जी

मुकुट सिर मोर का - श्रीहित अम्बरीष जी

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

बडे भाग से फागुन आयो री - होली भजन

बडे भाग से फागुन आयो री, होरी खेलूँगी श्याम संग जाय, सखी री बडे भाग से फागुन आयो री ॥

एक भोली भाली कन्या - भजन

एक भोली भाली कन्या, पर्वत से भक्तो आई, सिर पे उसके लाल चुनरिया, नैंनन जोत समाई, हाथो में है लाल चूड़ा, पाओं मे पायल भाई, सिर पे उसके लाल चुनरिया, नैंनन जोत समाई ॥

मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री - भजन

मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री, कैसो चटक रंग डारो, श्याम मेरी चुनरी में पड़ गयों दाग री,..

माँ की महिमा अपरम्पार - भजन

माँ की महिमा अपरम्पार, भगत के कष्ट मिटाती है..

रंग बरसे भीगे हैं बृजबाला रंग बरसे - होली भजन

रंग बरसे भीगे हैं बृजबाला, रंग बरसे, ओ रंग बरसे भीगे हैं बृजबाला, रंग बरसे..

होली खेल रहे बांकेबिहारी आज रंग बरस रहा: होली भजन

होली खेल रहे बांकेबिहारी आज रंग बरस रहा , और झूम रही दुनिया सारी, आज रंग बरस रहा॥

रंगीलो मेरो बनवारी: होली भजन

मोहिनी मूरत प्यारी, रंगीलो मेरो बनवारी, मोहनी मूरत प्यारी ॥

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP