विवाह पंचमी | आज का भजन!

भजन: मेरो मॅन लग्यॉ बरसाने मे... (Mero Man Lagyo Barsane Mei Jaha Viraje Radharani)


बोलो राधे राधे, बोलो श्यामा श्यामा
बोलो राधे राधे, बोलो श्यामा श्यामा

मेंरो मन लग्यो बरसाने में, जहाँ विराजे राधा रानी,
मन हट्यो दुनियाँदारी से, मन हट्यो दुनियाँदारी से,
जहाँ मिले खरा पानी,

मुझे दुनियाँ से नही कोई काम, मुझे दुनियाँ से नही कोई काम,
मैं तो रतु राधा राधा नाम, मैं तो रतु राधा राधा नाम,
दर्शन करू सुबह शाम, दर्शन करू सुबह शाम,
मेंरे मन में विराजे श्याम दीवानी, जहाँ विराजे राधा रानी,
॥ मेंरो मन लग्यो बरसाने में...॥

मेंरे मन में ना लगे कोई रंग, मेंरे मन में ना लगे कोई रंग,
मैं तो रहूँ संतान के संग, मैं तो रहूँ संतान के संग,
मेंरे मन में बढ़त उमंग, मेंरे मन में बढ़त उमंग,
बरसाना वृीज की राजधानी, जहाँ विराजे राधा रानी,
॥ मेंरो मन लग्यो बरसाने में...॥

मुझे दुनियाँ से नही लेना देना, मुझे दुनियाँ से नही लेना देना,
ये जगत है एक सपना, ये जगत है एक सपना,
यहा कोई नही अपना, यहा कोई नही अपना,
मेंरी अपनी ब्रषभान दुलारी, जहाँ विराजे राधा रानी,
॥ मेंरो मन लग्यो बरसाने में...॥

मेंरो मन लग्यो बरसाने में जहाँ विराजे राधा रानी,
मेंरो मन लग्यो बरसाने में जहाँ विराजे राधा रानी,
मन हट्यो दुनियाँदारी से, मन हट्यो दुनियाँदारी से,
जहाँ मिले खरा पानी,
॥ मेंरो मन लग्यो बरसाने में...॥

BhajanRadhashtami BhajanShri Radha Krishna BhajanShri Radha Rani BhajanJanmashtami BhajanBrij BhajanChitralekhaji Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला।

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी । हरषित महतारी, मुनि मन हारी, अद्भुत रूप बिचारी ॥ लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा...

राम का सुमिरन किया करो!

राम का सुमिरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो...

राम सिया राम, सिया राम जय जय राम!

मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी। राम सिया-राम सिया राम...

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं।

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं। मेरे नयनो के तारे है। सारे जग के रखवाले है...

रामजी की निकली सवारी!

सर पे मुकुट सजे मुख पे उजाला, हाथ धनुष गले में पुष्प माला...

राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई!

राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई, ये जीवन दो दिन का...

भजन : गुरु मेरी पूजा, गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म!

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म, गुरु भगवंत, गुरु मेरा देव अलख अभेव...

भजन: द्वार पे गुरुदेव के हम आगए

द्वार पे गुरुदेव के हम आ गए । ज्योति में दर्शन गुरु का पा गए ॥ देखलो हमको भला दर्शन हुआ । प्रेम हिरदे में मगन प्रसन्न हुआ...

हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये!

हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये। हूँ अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिये ॥

गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना।

मैं शरण पड़ा तेरी चरणों में जगह देना, गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना।

top