Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

कोरोना: लॉकडाउन, जनता कर्फ्यू, क्वारंटाइन के समय क्या पढ़ें? (Corona: Lockdown, Janta Curfew, Quarantine and Isolation Main Kiya Padhe)

कोरोना: लॉकडाउन, जनता कर्फ्यू, क्वारंटाइन के समय क्या पढ़ें?
Add To Favorites Change Font Size
स्वयं को अंदर से इतना मजबूत करें, कि आपके अंदर की महाकाली रक्तबीज जैसे वाइरस का संहार कर सकें।
कोरोना वायरल की विश्वव्यापी महामारी के चलते हमारे देश भारत मे बहुत लोग COVID 19 से संक्रमित पाए गये हैं, इस दौरान लोगों को लॉकडाउन, जनता कर्फ्यू, क्वारंटाइन, पृथक, आइसोलेट जैसी परिस्थितियों के साथ रहना पड़ रहा है।

इस स्थिति में आप कैसे स्वयं को सकारात्मक ऊर्जा के साथ व्यस्त रखें, इसके समाधान के रूप मे आप भक्ति-भारत वेबसाइट पर.. व्रत कथाएँ, भजन, प्रेरक कथाएँ, आरतियाँ, मंत्र, चालीसा, मंदिरों के इतिहास, धार्मिक ब्लॉग्स एवं त्यौहारों के बारे में विस्तार से अपने ज्ञान को पोषित कर सकते हैं।

व्रत कथाएँ
प्रेरक कहानी
आरतियाँ
भजन
मंत्र
चालीसा
मंदिर
धार्मिक ब्लॉग्स
त्यौहार

दैनिक हवन-यज्ञ विधि
गायत्री मंत्र
शांति पाठ
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं

इस महामारी से लड़ने के लिए सफाई एवं धैर्य रखें, घर पर ही रहें, पौष्टिक आहार ग्रहण करें तथा सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें।
यह भी जानें

Blogs Lockdown BlogsJanta Curfew BlogsQuarantine BlogsIsolation BlogsCorona BlogsSection 144 Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

पंच केदार के पीछे की कहानी?

पंच केदार भगवान शिव को समर्पित पांच पवित्र हिंदू मंदिर हैं, जो भारतीय राज्य उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित हैं।

भगवान जगन्नाथ के अलग-अलग बेश?

बेश एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है पोशाक, पोशाक या पहनावा। 'मंगला अलाती' से 'रात्रि पहुड़' तक प्रतिदिन, पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर की 'रत्नवेदी' पर देवताओं को सूती और रेशमी कपड़ों, कीमती पत्थरों से जड़े सोने के आभूषणों, कई प्रकार के फूलों और अन्य पत्तियों और जड़ी-बूटियों से सजाया जाता है। जैसे तुलसी, दयान, मरुआ आदि। चंदन का लेप, कपूर और कभी-कभी कीमती कस्तूरी का उपयोग दैनिक और आवधिक अनुष्ठानों में किया जाता रहा है।

एकादशी के दिन क्या करें?

हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार एकादशी चंद्र चक्र का ग्यारहवां दिन है, यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है, जो पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखते हैं और संरक्षित करते हैं, भक्त एक दिन का उपवास रखते हैं ।

नीलाद्रि बिजे

नीलाद्रि बिज महोत्सव वार्षिक रथ यात्रा उत्सव के समापन का प्रतीक है।

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

अन्नदान को 'महापुण्य' क्यों कहा जाता है?

हिंदू परंपरा में अन्नदान (भोजन का दान) को "महापुण्य" (सबसे बड़ा पुण्य) कहा जाता है क्योंकि यह सीधे तौर पर जीवन को बनाए रखता है। कई हिंदू धर्मग्रंथ सिखाते हैं कि दान के सभी रूपों में, भूखों को भोजन कराना सबसे नेक कामों में से एक है।

ISKCON

ISKCON संप्रदाय के भक्त भगवान श्री कृष्ण को अपना आराध्य मानते हैं। इनके द्वारा गाये जाने वाले भजन, मंत्र एवं गीतों का कुछ संग्रह यहाँ सूचीबद्ध किया गया है, सभी सनातनी परम्परा के भक्त इसका आनंद लें।

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP