Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

देवी तारा: मन्त्र (Devi Tara Mantra)


1. एकाक्षरी तारा मन्त्र (1 अक्षर वाला मन्त्र)
ॐ त्रीं
2. तीन अक्षरी तारा मन्त्र (3 अक्षरों वाला मन्त्र)
ॐ हूं स्त्रीं हूं॥

3. चतुराक्षर तारा मन्त्र (4 अक्षरों वाला मन्त्र)
ॐ ह्रीं ह्रीं स्त्रीं हूं॥

4. पञ्चाक्षरी तारा मन्त्र (5 अक्षरों वाला मन्त्र)
ॐ ह्रीं त्रीं ह्रुं फट्॥

5. षडाक्षर तारा मन्त्र (6 अक्षरों वाला मन्त्र)
ऐं ॐ ह्रीं क्रीं हूं फट्॥

6. सप्ताक्षर तारा मन्त्र (7 अक्षरों वाला मन्त्र)
ॐ त्रीं ह्रीं, ह्रूं, ह्रीं, हुं फट्॥

7. हँस तारा मन्त्र
ऐं स्त्रीं ॐ ऐं ह्रीं फट् स्वाहा॥

Devi Tara Mantra in English

1. Ekakshari Tara Mantra, Om Treem
यह भी जानें

Mantra Devi Tara Mantra MantraDevi Tara MantraNavratri MantraTara Jayanti MantraDurga Puja MantraMaa Tara Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

मधुराष्टकम्: अधरं मधुरं वदनं मधुरं

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं। हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं॥

श्री जानकी स्रोत्र - जानकि त्वां नमस्यामि

जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम् ॥ दारिद्र्यरणसंहर्त्रीं भक्तानाभिष्टदायिनीम् । विदेहराजतनयां राघवानन्दकारिणीम् ॥..

श्रील प्रभुपाद प्रणति

नम ॐ विष्णु-पादाय कृष्ण-प्रेष्ठाय भूतले, श्रीमते भक्तिवेदांत-स्वामिन् इति नामिने ।

सदाशिव अष्टकम्

सुवर्णपद्मिनी-तटान्त-दिव्यहर्म्य-वासिने, सुपर्णवाहन-प्रियाय सूर्यकोटि-तेजसे । अपर्णया विहारिणे फणाधरेन्द्र-धारिणे, सदा नमश्शिवाय ते सदाशिवाय शंभवे ॥

श्री वेंकटेश्वर सुप्रभातम् - M.S.सुब्बुलक्ष्मी

कौसल्या सुप्रजा राम पूर्वासंध्या प्रवर्तते । उत्तिष्ठ नरशार्दूल कर्तव्यं दैवमाह्निकम् ॥ 1 ॥

आदित्य-हृदय स्तोत्र

ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् । रावणं चाग्रतो दृष्टवा युद्धाय समुपस्थितम् ॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् ।

श्री हनुमान स्तवन - श्रीहनुमन्नमस्कारः

प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन ।.. गोष्पदी कृत वारीशं मशकी कृत राक्षसम् ।..

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP