Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

स्वस्ति: प्रजाभ्यः परिपालयंतां - लोकक्षेम मंत्र (Svasti Prajabhyah Paripalayantam)


स्वस्ति: प्रजाभ्यः परिपालयंतां
न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः ।
गो ब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं
लोकाः समस्ताः सुखिनोभवंतु ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ।
लोकक्षेम मंत्र | सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का मंत्र

Svasti Prajabhyah Paripalayantam in English

Svasti Prajabhyah Paripalayantam Nyayena Margena Maheem Maheeshah । Gobrahmanebhyah Subham Astu Tityam...
यह भी जानें
मूल रूप

स्वस्तिप्रजाभ्यः परिपालयंतां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः ।
गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनोभवंतु ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ।

Mantra Vedic MantraVed MantraShanti MantraHoli Mantra

अन्य प्रसिद्ध स्वस्ति: प्रजाभ्यः परिपालयंतां - लोकक्षेम मंत्र वीडियो

Rajalakshmee Sanjay

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

दशरथकृत शनि स्तोत्र

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च। नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥

श्री शनि अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली

ॐ शनैश्चराय नमः॥ ॐ शान्ताय नमः॥ ॐ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः॥ ॐ शरण्याय नमः॥ ॐ वरेण्याय नमः॥

धनदालक्ष्मी स्तोत्रम्

॥ धनदालक्ष्मी स्तोत्रम् ॥ ॥ धनदा उवाच ॥ देवी देवमुपागम्य नीलकण्ठं मम प्रियम्।

भाग्यद लक्ष्मी बारम्मा: मंत्र

भाग्यद लक्ष्मी बारम्मा । नम्मम्म नी सौभाग्यद लक्ष्मी बारम्मा ॥

श्री दुर्गा देवी स्तोत्रम्

श्री युधिष्ठिर विरचितं | श्रीगणेशाय नमः । श्री दुर्गायै नमः । नगरांत प्रवेशले पंडुनंदन । तो देखिले दुर्गास्थान । धर्मराज करी स्तवन । जगदंबेचे तेधवा ॥

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी..

श्री चण्डी-ध्वज स्तोत्रम्

धन राज्य सुख देने वाला माँ चण्डिका का स्तोत्र। ॐ श्रीं नमो जगत्प्रतिष्ठायै देव्यै भूत्त्यै नमो नमः । परमानन्दरुपिण्यै नित्यायै सततं नमः॥१॥

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP