Sawan 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे आज विनायक मेरे आँगन पधारे - भजन (Aaj Saje Hain Mere Ghar K Dware Aaj Vinayak Mere Aangan Padhare)


आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे आज विनायक मेरे आँगन पधारे - भजन
आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे, आज विनायक मेरे आँगन पधारे
स्वागत तुम्हारा हे गणराजा, जागे हैं भाग हमारे
पूरे बरस राह हमने तकि, तब आज आई है ये शुभ घडी
चारों तरफ रोशनी है सजी
आसान बिछाया बड़े चाव से, मंदिर सजाया बड़े भाव से
जिसमे जले धूप-दीप-आरती ॥1॥

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे, आज विनायक मेरे आँगन पधारे
अद्भुत तेरा रूप है गजवदन, दर्शन किये थे भरे ना नयन
जी चाहे पल पल निहारा करूँ
सिंदूरी टीके से जगमग है भाल, कानों में कुण्डल नयन दो विशाल
सुमिरन सदा मैं तुम्हारा करूँ ॥2॥

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे, आज विनायक मेरे आँगन पधारे
जय हे चतुर्भुज तुम्हारी दया, जिसको मिली धन्य वो हो गया
जीवन में उसके रही ना तरस
इतना की बस मांगे वरदान हम, करते रहें तेरा गुणगान हम
सेवा का अवसर मिले हर बरस ॥3॥

आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे, आज विनायक मेरे आँगन पधारे
स्वागत तुम्हारा हे गणराजा, जागे हैं भाग हमारे

Aaj Saje Hain Mere Ghar K Dware Aaj Vinayak Mere Aangan Padhare in English

Aaj Saje Hain Mere Ghar Ke Dware, Aaj Vinayak Mere Aangan Padhare, Swagat Tumhara Hey Ganraja, Jaage Hain Bhag Humare
यह भी जानें

Bhajan Shri Ganesh BhajanShri Vinayak BhajanGanpati BhajanGanpati Bappa BhajanGaneshotsav BhajanWednesday BhajanGrah Pravesh BhajanChaturthi BhajanGanesh Chaturthi BhajanChaturdasi Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं: भजन

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं । पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं ॥...

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है: भजन

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है, किस ओर तेरी मंजिल..

तुलसा कर आई चारों धाम

तुलसा कर आई चारों धाम, जाने कहां लेगी विश्राम । पहला विश्राम वाने हरिद्वार में पायो..

राधा का चितचोर कन्हैया - भजन

राधा का चितचोर कन्हैया, दाऊजी का नटखट भैया, कुञ्ज गलिन का रास रचैया, भा गया हमें भा गया, भा गया हमें भा गया ॥

घनश्याम तुम्हारे मंदिर में - भजन

घनश्याम तुम्हारे मंदिर में, मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ, वाणी में तनिक मिठास नहीं, पर विनय सुनाने आई हूँ ॥

नित नयो लागे साँवरो - भजन

नित नयो लागे साँवरो, इकि लेवा नज़र उतार, नजर ना लग जावै, एकी लेवा नज़र उतार..

बाबा करले तू इत्थे भी नजर भगत कोई रोता होवेगा - भजन

बाबा करले तू इत्थे भी नजर, भगत कोई रोता होवेगा, आया होगा हार के वो हर डगर, आया होगा हार के वो हर डगर, भगत कोई रोता होवेगा ॥

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP