Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

अवध बिहारी हो, हम आए शरण तिहारी: भजन (Awadh Bihari Ho Hum Aaye Sharan Tihari)


अवध बिहारी हो, हम आए शरण तिहारी: भजन
अवध बिहारी हो,
हम आए शरण तिहारी,
गिरवर धारी हो,
हम आए शरण तिहारी ॥
महापातकी रहा अजामिल,
उसे मिला सुरधाम,
नारायण आ गए लिया जब,
पुत्र का अपने नाम,
संकट हारी हो,
आया शरण तिहारी,
अवध बिहारी हों,
हम आए शरण तिहारी ॥

जब जल में गजराज ग्राह में,
युद्ध हुआ घनघोर,
हार गया गज तो बोला,
दौड़ो नंद किशोर,
सुदर्शन धारी हो,
आया शरण तिहारी,
अवध बिहारी हों,
हम आए शरण तिहारी ॥

हिरणाकुश प्रहलाद को जब,
बाँधा खंबे के साथ,
तब बोला प्रहलाद कहाँ हो,
आओ दीनानाथ,
शरण हितकारी हो,
आया शरण तिहारी,
अवध बिहारी हों,
हम आए शरण तिहारी ॥

अवध बिहारी हो,
हम आए शरण तिहारी,
गिरवर धारी हो,
हम आए शरण तिहारी ॥

Awadh Bihari Ho Hum Aaye Sharan Tihari in English

Avadh Bihari Ho, Ham Aaye Sharan Tihaari, Giravar Dhari Ho, Ham Aaye Sharan Tihaari ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanSita Navmi BhajanHanuman Janmotsav BhajanRam Bhajan BhajanMaryada Purushottam Shri Ram Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

जय बजरंगी बोले, वो कभी ना डोले - भजन

बोले बोले रे जयकारा, जो बाबा का बोले, जय बजरंगी बोले, वो कभी ना डोले, जय बजरंगी बोलें, वो कभी ना डोले ॥

मेरे राम राइ, तूं संता का संत तेरे - गुरुवाणी शब्द कीर्तन

मेरे राम राइ, तूं संता का संत तेरे ॥ तेरे सेवक कउ भउ किछु नाही, जमु नही आवै नेरे ॥

सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल है - शब्द कीर्तन

गुरुवाणी शब्द कीर्तन: सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल हैं, जिथे किथे मैनु लै छडाइ, तिस गुरु कौ हौ वारिया,..

हमारे हैं श्री गुरुदेव, हमें किस बात की चिंता - भजन

हमारे हैं श्री गुरुदेव, हमें किस बात की चिंता, चरण में रख दिया जब माथ..

चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां - शब्द कीर्तन

सिमर सिमर नाम जीवा, तन मन होए निहाला, चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां

सेवा में दादी थारी: भजन

सेवा में दादी थारी, मैं तो रम जाऊं माँ, थे जइयाँ म्हणे बनाओगा, वइयाँ बन जाऊं माँ, सेवा मे दादी थारी ॥

जिस दिल में आपकी याद रहे - भजन

कनक भवन दरवाजे पड़े रहो, जहाँ सियारामजी विराजे पड़े रहो, सुघर सोपान सो द्वार सुहावे

Ram Bhajan - Ram Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP