Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

गौरी के लाड़ले - भजन (Gauri Ke Ladle )


गौरी के लाड़ले - भजन
गौरी के लाड़ले,
महिमा तेरी महान,
करता है सबसे पहले,
पूजा तेरी जहान,
गौरी के लाडले,
महिमा तेरी महान ॥
चंदन चौकी पे बिराजे,
दाता गजशिश धारी,
शीश स्वर्ण मुकुट,
गले मोतियन माला प्यारी,
रिद्धि सिद्धि अंग संग,
छवि सबसे है न्यारी,
भोग लड्डुवन का लगे,
करे मूसे की सवारी,
पुरे हो काम तब ही,
पहले तुम्हारा ध्यान,
गौरी के लाडले,
महिमा तेरी महान ॥

माता गौरी जी के लाल,
शिव भोले के दुलारे,
रखे भक्तो की लाज,
काज बिगड़े सवारे,
अन्न धन ज्ञान मान,
से वो भरते भंडारे,
तेरा नाम सरल,
जो भी मन से पुकारे,
बिन मांगे लख्खा पाए,
मुंह माँगा तुमसे दान,
गौरी के लाड़ले,
महिमा तेरी महान,
करता है सबसे पहले,
पूजा तेरी जहान,
गौरी के लाडले,
महिमा तेरी महान ॥

आरती गणपती की | आओ जी गजानन आओ | श्री सिद्धिविनायक तेरी आरती गाऊं | गणपती बप्पा मोरया | श्री सिद्धिविनायक नमः

Gauri Ke Ladle in English

Gauri Ke Ladle, Mahima Teri Mahan, Karta Hai Sabse Pahale, Pooja Teri Jahan, Gauri Ke Ladle, Mahima Teri Mahan ॥
यह भी जानें

Bhajan Ekdantaya BhajanGauri Tanaya BhajanShri Ganesh BhajanShri Vinayak BhajanGanpati BhajanGanpati Bappa BhajanGaneshotsav BhajanGajanan BhajanVakratunda BhajanGanesh Chaturthi BhajanChaturthi BhajanSidhivinayak Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

बेद की औषद खाइ कछु न करै: माँ गंगा माहात्म्य

माँ गंगा मैया का गरिमामय माहात्म्य॥ बेद की औषद खाइ कछु न करै बहु संजम री सुनि मोसें ।..

ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ - भजन

करे हाहाकार निःशब्द सदा, ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ?

चलो मन गंगा जमुना तीर - भजन

चलो मन गंगा जमुना तीर, गंगा जमुना निर्मल पानी, शीतल होत शरीर...

गंगा किनारे चले जाणा - भजन

मिटदि है मूरत, जिन्दी ये वाणी है, गंगा किनारे चले जाणा, मुड़के फिर नहीं आणा..

शिव की जटा से बरसे, गंगा की धार है: भजन

शिव की जटा से बरसे, गंगा की धार है, गंगा की धार है, महीना ये सावन का है, छाई बहार है ॥

मानो तो मैं गंगा माँ हूँ - भजन

मानो तो मैं गंगा माँ हूँ, ना मानो तो बहता पानी, जो स्वर्ग ने दी धरती को, में हूँ प्यार की वही निशानी...

मेरे राघव जी उतरेंगे पार, गंगा मैया धीरे बहो - भजन

मेरे राघव जी उतरेंगे पार, गंगा मैया धीरे बहो , मैया धीरे बहो ॥

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP