Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

जगमग जगमग जोत जली है, आरती श्री राम जी (Jagmag Jyot Jali Hai Shri Ram Aarti)


जगमग जगमग जोत जली है, आरती श्री राम जी
श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाला भजन/आरती।
जगमग जगमग जोत जली है।
राम आरती होन लगी है॥

भक्ति का दीपक प्रेम की बाती।
आरति संत करें दिन राती॥

आनन्द की सरिता उभरी है।
जगमग जगमग जोत जली है॥

कनक सिंघासन सिया समेता।
बैठहिं राम होइ चित चेता॥

वाम भाग में जनक लली है।
जगमग जगमग जोत जली है॥

आरति हनुमत के मन भावै।
राम कथा नित शंकर गावै॥

सन्तों की ये भीड़ लगी है।
जगमग जगमग जोत जली है॥

Jagmag Jyot Jali Hai Shri Ram Aarti in English

Jagmag Jagmag Jyot Jali Hai। Ram Aarti Hon Lagi Hai॥ Bhakti Ka Dipak Prem Ki Baati...
यह भी जानें

Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanSita Navami BhajanJanaki Jayanti BhajanSundarkand BhajanRamayan Path BhajanVijayadashami BhajanMata Sita BhajanRam Sita Vivah BhajanShri Vishnu Bhajan

अन्य प्रसिद्ध जगमग जगमग जोत जली है, आरती श्री राम जी वीडियो

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

नमो नमोः श्री बापूसा

माँ सच्चीया के जो अंश अवतार है, बिदासर धाम जिनका दिव्य दरबार है, कलयुग के देव करते चमत्कार है, चारो ओर हो रही इनकी जयकार है...

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं: भजन

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं । पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं ॥...

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है: भजन

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है, किस ओर तेरी मंजिल..

तुलसा कर आई चारों धाम

तुलसा कर आई चारों धाम, जाने कहां लेगी विश्राम । पहला विश्राम वाने हरिद्वार में पायो..

राधा का चितचोर कन्हैया - भजन

राधा का चितचोर कन्हैया, दाऊजी का नटखट भैया, कुञ्ज गलिन का रास रचैया, भा गया हमें भा गया, भा गया हमें भा गया ॥

घनश्याम तुम्हारे मंदिर में - भजन

घनश्याम तुम्हारे मंदिर में, मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ, वाणी में तनिक मिठास नहीं, पर विनय सुनाने आई हूँ ॥

नित नयो लागे साँवरो - भजन

नित नयो लागे साँवरो, इकि लेवा नज़र उतार, नजर ना लग जावै, एकी लेवा नज़र उतार..

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP