Sawan 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

कहियो दर्शन दीन्हे हो, भीलनियों के राम: भजन (Kahiyo Darshan Dinhe Ho Bhilaniyo Ke Ram)


कहियो दर्शन दीन्हे हो, भीलनियों के राम: भजन
पंथ निहारत, डगर बहारथ,
होता सुबह से शाम,
कहियो दर्शन दीन्हे हो,
भीलनियों के राम ।
पंथ निहारत, डगर बहारथ,
होता सुबह से शाम,
कहियो दर्शन दीन्हे हो,
भीलनियों के राम ।
कहियो दर्शन दीन्हे हो,
भीलनियों के राम ।

गुरुवर मतंग जी,
रन ले राम रंग में,
बालिका से प्रीत भई ली,
ओहि रे तरंग में,
नाम रूप अरु लीला धाम के,
नाम रूप अरु लीला धाम के,
सुमिरन आठों याम,
कहियो दर्शन दीन्हे हो,
भीलनियों के राम ।

अधम से अधम,
अधम अति नारी,
उत चक्र व्रती के,
कुमार धनुर्धारी,
चीखी चीखी बैर के राखव,
आईहेही भोग के काम,
कहियो दर्शन दीन्हे हो,
भीलनियों के राम ।

माड़ो से भागल,
अनुरागी संजागल,
शबरी शिकारी भइनी,
भक्ति में पाग़ल,
उहे डगर तू धरहो राजन,
पइबा परम विश्राम,
कहियो दर्शन दीन्हे हो,
भीलनियों के राम ।

Kahiyo Darshan Dinhe Ho Bhilaniyo Ke Ram in English

Kahiyo Darshan Dinhe Ho, Bhilniyon Ke Ram ।
यह भी जानें

Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanSundarkand BhajanRamayan Path BhajanVijayadashami BhajanMata Sita BhajanRam Sita Vivah BhajanShabri BhajanBhilani BhajanRajan Ji Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

नमो नमोः श्री बापूसा

माँ सच्चीया के जो अंश अवतार है, बिदासर धाम जिनका दिव्य दरबार है, कलयुग के देव करते चमत्कार है, चारो ओर हो रही इनकी जयकार है...

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं: भजन

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं । पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं ॥...

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है: भजन

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है, किस ओर तेरी मंजिल..

तुलसा कर आई चारों धाम

तुलसा कर आई चारों धाम, जाने कहां लेगी विश्राम । पहला विश्राम वाने हरिद्वार में पायो..

राधा का चितचोर कन्हैया - भजन

राधा का चितचोर कन्हैया, दाऊजी का नटखट भैया, कुञ्ज गलिन का रास रचैया, भा गया हमें भा गया, भा गया हमें भा गया ॥

घनश्याम तुम्हारे मंदिर में - भजन

घनश्याम तुम्हारे मंदिर में, मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ, वाणी में तनिक मिठास नहीं, पर विनय सुनाने आई हूँ ॥

नित नयो लागे साँवरो - भजन

नित नयो लागे साँवरो, इकि लेवा नज़र उतार, नजर ना लग जावै, एकी लेवा नज़र उतार..

Sawan 2026 - Sawan 2026
Sawan 2026 - Sawan 2026
Bhakti Bharat APP