Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

करो हरी का भजन प्यारे, उमरिया बीती जाती हे (Karo Hari Ka Bhajan Pyare, Umariya Beeti Jati Hai)


करो हरी का भजन प्यारे, उमरिया बीती जाती हे
करो हरी का भजन प्यारे,
उमरिया बीती जाती हे,
पूरब शुभ कर्म करी आया,
मनुष्य तन पृथ्वी पर पाया,
फिर विषयो से भरमाया,
मौत याद नहीं आती हे ,
करो हरी का भजन प्यारे!
बालपन खेल में खोया,
जोबन में काम बस होया ;
बुढ़ापा खाट पर सोया,
आस मन को सतानि हे,
करो हरी का भजन प्यारे!

कुटुंब परिवार सूत दारा,
स्वप्न सम देख जग सारा ;
माया का जाल बिस्तारा ,
नहीं ये संग जाती हे
करो हरी का भजन प्यारे!

जो हरी के चरण चित लावे,
सो भवसागर से तर जावे ;
ब्रह्मानंद मोक्ष पद पावे,
वेद वानी सुनाती हे
करो हरी का भजन प्यारे!

Karo Hari Ka Bhajan Pyare, Umariya Beeti Jati Hai in English

Karo Hari Ka Bhajan Pyare, Umariya Biti Jati Hey, Purab Shubh Karm Kari Aaya
यह भी जानें

Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navami BhajanVijay Dashami BhajanSunderkand BhajanRamcharitmanas Katha BhajanAkhand Ramayana BhajanShri Hari Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये - भजन

साँची ज्योतो वाली माता, तेरी जय जय कार। तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये।

नारायणी शरणम्: भजन

अष्टभुजंग है दुर्गा स्वरूपिनी, तेज है सौ सूर्यों सा, चंदा सी शीतल ज्ञान शारदे, पावन ज्यूँ गंगा जल, देव करे वंदन, नारायणी शरणम्,
नारायणी शरणम् ॥

मैया तेरे भक्तों को, तेरा ही सहारा है: भजन

मैया तेरे भक्तों को, तेरा ही सहारा है, तेरे बिना इस जग में, कोई ना हमारा है, मैया तेरे भक्तो को, तेरा ही सहारा है ॥

माता के भजन

नवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण, अष्टमी तथा शुक्रवार को गाए जाने वाले प्रसिद्ध माता के भजन..

विष्णु विष्णु तू भण रे प्राणी - भजन

विष्णु विष्णु तू भण रे प्राणी, बोल सदा शुरु मीठी वाणी। जुगती मुगति पाई रे, इण मूल मंत्र से ।

बेद की औषद खाइ कछु न करै: माँ गंगा माहात्म्य

माँ गंगा मैया का गरिमामय माहात्म्य॥ बेद की औषद खाइ कछु न करै बहु संजम री सुनि मोसें ।..

ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ - भजन

करे हाहाकार निःशब्द सदा, ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ?

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP