Shri Ram Bhajan

श्री गोवर्धन महाराज आरती (Shri Govardhan Maharaj)


श्री गोवर्धन महाराज आरती
दीपावली के तुरंत बाद आने वाली गोवर्धन पूजा में गाई जाने वाली प्रमुख आरती।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।

श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।

तोपे* पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार ।

श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।

तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल ।

श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।

तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल ।

श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।

तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम ।

श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।

गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण ।

* तोपे: तुम पर / तुम्हारे ऊपर

Shri Govardhan Maharaj in English

Shri Govardhan Mahaaraaj, O Mahaaraaj, Tere Maathe Mukut Viraaj Raheo...
यह भी जानें

Bhajan Shri Krishna BhajanShri Govardhan BhajanDiwali BhajanGovardhan Puja Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार - भजन

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार, यहाँ पे भी जो हारा, कहाँ जाऊंगा सरकार॥

ओम अनेक बार बोल: भजन

ओम अनेक बार बोल, प्रेम के प्रयोगी। है यही अनादि नाद, निर्विकल्प निर्विवाद।...

तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का - भजन

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये सृष्टि चला रहे है, जो पेड़ हमने लगाया पहले...

भवसागर तारण कारण हे - प्रार्थना

भवसागर तारण कारण हे । रविनन्दन बन्धन खण्डन हे ॥ शरणागत किंकर भीत मने..

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो..: भजन

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.., रोवे अकेली मीरा..आ.., आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.. - विधि देशवाल

ऐ मुरली वाले मेरे कन्हैया, बिना तुम्हारे..

ऐ मुरली वालें मेरे कन्हैया, बिना तुम्हारे तड़प रहे हैं। तुम्हारी यादों में प्राण प्यारे, आंखों से आंसू छलक रहे हैं..

बजरंग बाण

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

Ram Bhajan - Ram Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP