जीवन एक प्रतिध्वनि है - प्रेरक कहानी
जीवन एक प्रतिध्वनि है आप जिस लहजे में आवाज़ देंगे पलटकर आपको उसी लहजे में सुनाईं देंगीं। न जाने किस रूप में मालिक मिल जाये...
Prerak Kahani
भगवान को आपके धन की कोई आवश्यकता नहीं - प्रेरक कहानी
पुरानी बात है एक सेठ के पास एक व्यक्ति काम करता था। सेठ उस व्यक्ति पर बहुत विश्वास करता था। जो भी जरुरी काम हो सेठ हमेशा उसी व्यक्ति से कहता था...
Prerak Kahani
अठावन घड़ी कर्म की और दो घड़ी धर्म की - प्रेरक कहानी
एक नगर में एक धनवान सेठ रहता था। अपने व्यापार के सिलसिले में उसका बाहर आना-जाना लगा रहता था। एक बार वह परदेस से लौट रहा था। साथ में धन था, इसलिए तीन-चार पहरेदार भी साथ ले लिए।
Prerak Kahani
जो भी होता है, अच्छे के लिए होता है - प्रेरक कहानी
एक बार भगवान से उनका सेवक कहता है, भगवान: आप एक जगह खड़े-खड़े थक गये होंगे, एक दिन के लिए मैं आपकी जगह मूर्ति बनकर खड़ा हो जाता हूँ, आप मेरा रूप धारण कर घूम आओ।
Prerak Kahani
प्रेरक कहानी - व्यक्तित्व राव हम्मीर - 7 जुलाई जन्म दिवस
भारत के इतिहास में राव हम्मीर को वीरता के साथ ही उनकी हठ के लिए भी याद किया जाता है। उनकी हठ के बारे में कहावत प्रसिद्ध है...
Prerak Kahani
किसका पुण्य बड़ा? - प्रेरक कहानी
मिथलावती नाम की एक नगरी थी। उसमें गुणधिप नाम का राजा राज करता था। उसकी सेवा करने के लिए दूर देश से एक राजकुमार आया।
Prerak Kahani
भक्ति में आडंबर नहीं चाहिए होता
न्यायाधीश ने राजा को बताया, कि एक आदमी अपराधी नहीं है,पर चुप रहकर एक तरह से अपराध की मौन स्वीकृति दे रहा है। इसे क्या दंड दिया जाना चाहिए?
Prerak Kahani
जब काम न रहे तो - प्रेरक कहानी
एक आदमी ने एक भूत पकड़ लिया और उसे बेचने शहर गया, बस पाँच सौ रुपए है। मगर भूत तो भूत ही था। अपना मन ही वह भूत है..
Prerak Kahani
बुजुर्गों की सोच दूर दृष्टि और अनुभव वाली होती है - प्रेरक कहानी
हंस बोला: ताऊ, तू तो एक छोटी-सी बेल को खींच कर ज्यादा ही लम्बा कर रहा है। किसी ने कहा, यह ताऊ अपनी अक्ल का रोब डालने के लिए अर्थहीन कहानी गढ़ रहा है...
Prerak Kahani
जीवन की ठक-ठक चलती ही रहेगी - प्रेरक कहानी
एक आदमी घोड़े पर कहीं जा रहा था। घोड़े को जोर की प्यास लगी थी। दूर कुएं पर एक किसान बैलों से रहट चलाकर खेतों में पानी लगा रहा था।...
Prerak Kahani
विश्वास के आगे पंडितजी का नमन - प्रेरक कहानी
एक सेठ बड़ा धार्मिक था संपन्न भी था। एक बार उसने अपने घर पर पूजा पाठ रखी और पूरे शहर को न्यौता दिया।...
Prerak Kahani
डमरू बजा, बारिश शुरू हो गई - प्रेरक कहानी
सहज विनोद भाव में बोलीं: प्रभु,आप भी अगर बारह वर्षों के बाद डमरू बजाना भूल गये तो?..
Prerak Kahani
नारद मुनि भगवान श्रीराम के द्वार पर पहुँचे
एक बार की बात है, वीणा बजाते हुए नारद मुनि भगवान श्रीराम के द्वार पर पहुँचे। नारायण नारायण !! नारदजी ने देखा कि द्वार पर हनुमान जी पहरा दे रहे है। हनुमान जी ने पूछा: नारद मुनि! कहाँ जा रहे हो?
Prerak Kahani
तुलसीदास जी द्वारा कौशल्यानंदन भगवान् स्थापित - सत्य कथा
कौशल्यानंदन भगवान् श्री राम का विग्रह स्थापित: कुछ लोग दक्षिण देश से भगवान् श्रीराम की मूर्ति लेकर स्थापना करने के लिये श्रीअवध जा रहे थे। यमुना-तट पर उन्होंने विश्राम किया।
Prerak Kahani
बस! अपने मां बाप की सेवा करो - प्रेरक कहानी
एक छोटा सा बोर्ड रेहड़ी की छत से लटक रहा था, उस पर मोटे मारकर से लिखा हुआ था...
घर मे कोई नही है, मेरी बूढ़ी माँ बीमार है, मुझे थोड़ी थोड़ी देर में उन्हें खाना, दवा और टायलट कराने के लिए घर जाना पड़ता है, अगर आपको जल्दी है तो अपनी मर्ज़ी से फल तौल ले...
Prerak Kahani
प्रेरक कहानियाँ - Prerak Kahaniya are stories, quotes or katha full of spiritual, inspirational and moral values in its content. These Prerak Kahaniya are real time stories connecting with other live instance and inspires these live activities. Bhakti Bharat tells you 181+ prerak kahaniyan.