Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

सलाह नहीं, साथ चाहिए - प्रेरक कहानी (Salah Nahi Sath Chahiye)


सलाह नहीं, साथ चाहिए - प्रेरक कहानी
Add To Favorites Change Font Size
एक बार एक पक्षी समुंदर में से चोंच से पानी बाहर निकाल रहा था।
दूसरे ने पूछा: भाई ये क्या कर रहा है।
पहला बोला: समुंदर ने मेरे बच्चे डूबा दिए है अब तो इसे सूखा कर ही रहूँगा।
यह सुन दूसरा बोला: भाई तेरे से क्या समुंदर सूखेगा। तू छोटा सा और समुंदर इतना विशाल। तेरा पूरा जीवन लग जायेगा।

पहला बोला: देना है तो साथ दे। सिर्फ़ सलाह नहीं चाहिए।
यह सुन दूसरा पक्षी भी साथ लग लिया। ऐसे हज़ारों पक्षी आते गए और दूसरे को कहते गए सलाह नहीं साथ चाहिए।

यह देख भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ जी भी इस काम के लिए जाने लगे। भगवान बोले तुम कहाँ जा रहे हो? तुम गये तो मेरा काम रुक जाएगा। तुम पक्षियों से समुंदर सूखना भी नहीं है।

गरुड़ बोले: भगवन सलाह नहीं साथ चाहिए।

फिर क्या ऐसा सुन भगवान विष्णु जी भी समुंदर सुखाने आ गये। भगवान जी के आते ही समुंदर डर गया और उस पक्षी के बच्चे लौटा दिए।
यह भी जानें

Prerak-kahani Bird Prerak-kahaniChidiya Prerak-kahaniGarun Dev Prerak-kahaniBhagwan Vishnu Prerak-kahaniSamundar Prerak-kahaniSea Prerak-kahaniEk Aur Ek Gyarah Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

प्रेरक कहानी: एक सत्संग ऐसी भी

सत्संग में भी हम सिर्फ उन बातों को पसंद करते है जिसमे हमारा स्वार्थ सिद्ध होता हैं। जबकि सत्संग जाकर हमें सत्य...

राजा का मूर्ति प्रेम - प्रेरक कहानी

एक दिन जब एक सेवक इन मूर्तियों की सफाई कर रहा था तब गलती से उसके हाथों से उनमें से एक मूर्ति टूट गई।..

कौवे एवं हंस की प्रवृति - प्रेरक कहानी

पुराने जमाने में एक शहर में दो ब्राह्मण पुत्र रहते थे, एक गरीब था तो दूसरा अमीर दोनों पड़ोसी थे। गरीब ब्राम्हण की क्षपत्नी, उसे प्रतिदिन ताने देती, झगड़ती।..

ईश्वर के न्याय का भिन्न दृष्टिकोण - प्रेरक कहानी

एक बार दो आदमी एक मंदिर के पास बैठे गपशप कर रहे थे। वहां अंधेरा छा रहा था और बादल मंडरा रहे थे। 8 (3+5) रोटी तीन आदमियों में कैसे बांट पाएंगे?...

सभी के कर्म एक समान नहीं हैं - प्रेरक कहानी

समाज में कभी एकरूपता नहीं आ सकती, क्योंकि हमारे कर्म कभी भी एक समान नहीं हो सकते। और जिस दिन ऐसा हो गया उस दिन समाज-संसार की सारी विषमतायें समाप्त हो जायेंगी।...

प्रभुकृपा, यही आप से प्रार्थना है - प्रेरक कहानी

रात नौ बजे लगभग अचानक मुझे एलर्जी हो गई। घर पर दवाई नहीं, न ही इस समय मेरे अलावा घर में कोई और.. | क्या सच में भगवान ने मुझे रात को अपने भक्त की मदद के लिए ही भेजा था?

आखिर कर्म ही महान है - प्रेरक कहानी

बुद्ध का प्रवचन सुनने के लिए गांव के सभी लोग उपस्थित थे, लेकिन वह भक्त ही कहीं दिखाई नहीं दे रहा था।.

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP