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श्री सत्यनारायण कथा - प्रथम अध्याय

एक समय की बात है नैषिरण्य तीर्थ में शौनिकादि, अठ्ठासी हजार ऋषियों ने श्री सूतजी से पूछा हे प्रभु!...

शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा

संतोषी माता व्रत कथा | सातवें बेटे का परदेश जाना | परदेश मे नौकरी | पति की अनुपस्थिति में अत्याचार | संतोषी माता का व्रत | संतोषी माता व्रत विधि | माँ संतोषी का दर्शन | शुक्रवार व्रत में भूल | माँ संतोषी से माँगी माफी | शुक्रवार व्रत का उद्यापन

अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा

भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्‌मणों...

बुद्धं शरणं गच्छामि

बुद्धं शरणं गच्छामि। धर्मं शरणं गच्छामि। संघं शरणं गच्छामि।

तयाता ओम बुद्ध मंत्र

तयाता ओम, बेकंद्ज़े बेकंद्ज़े, महा बेकंद्ज़े, रद्ज़ा समुद्गते सोहा

श्री महालक्ष्मी अष्टक

नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥

दुर्गा चालीसा
दुर्गा चालीसा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥

हनुमान चालीसा
हनुमान चालीसा

हनुमान चालीसा लिरिक्स | जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा | बुरी आत्माओं से मुक्ति के लिए, शनि के प्रकोप से बचने हेतु हनुमान चालीसा का पाठ करें

श्री नरसिंह चालीसा
श्री नरसिंह चालीसा

नरसिंह देव मैं सुमरों तोहि।धन बल विद्या दान दे मोहि॥ जय जय नरसिंह कृपाला।करो सदा भक्तन प्रतिपाला॥

स्वामी समर्थ

श्री स्वामी समर्थ को अक्कलकोट के स्वामी के रूप में भी जाना जाता है, दत्तात्रेय परंपरा के एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु थे।

स्वामी श्रद्धानन्द

स्वामी श्रद्धानंद एक आर्य समाज सामाजिक कार्यकर्ता, स्वतंत्रता सेनानी, स्वतंत्रता कार्यकर्ता, शिक्षक, धार्मिक नेता थे। वह हिंदू सुधारकों में से एक हैं जिन्हें महात्मा मुंशी राम के नाम से भी जाना जाता है।

आनंदमयी माँ

आनंदमयी माँ एक हिंदू संत थीं, जो 1896 से 1982 तक भारत में रहीं। वह अपने आनंदमय नृत्य और गायन और बीमारों को ठीक करने की क्षमता के लिए जानी जाती थीं। वह अद्वैत वेदांत की शिक्षिका भी थीं, एक हिंदू दर्शन जो सभी प्राणियों की एकता पर जोर देता है।

ब्रह्मेंद्र स्वामी

परमहंस ब्रह्मेंद्रस्वामी | मूल नाम - विष्णुपंत कुलकर्णी | आराध्य - भगवान परशुराम | प्रसिद्धि - छत्रपति शाहू प्रथम के गुरु, परशुराम मंदिर के संथापक

दिल्ली के प्रसिद्ध माता मंदिर
दिल्ली के प्रसिद्ध माता मंदिर

नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के शीर्ष मा आदि शक्ति, मां दुर्गा और मां काली मंदिरों की सूची...

शिकोहाबाद के प्रसिद्ध मंदिर
शिकोहाबाद के प्रसिद्ध मंदिर

आज के शिकोहाबाद की नवीनतम पीढ़ी की सामाजिक एवं धार्मिक समृद्धि को जानने के लिए, जानते हैं यहाँ के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे मे..

दिल्ली के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर
दिल्ली के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर

दिल्ली और आस-पास के शहर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर।

किसका पुण्य बड़ा? - प्रेरक कहानी

मिथलावती नाम की एक नगरी थी। उसमें गुणधिप नाम का राजा राज करता था। उसकी सेवा करने के लिए दूर देश से एक राजकुमार आया।

इल्ली और घुन की कहानी

एक इल्ली और घुन था। इल्ली बोली आओ घुन कार्तिक स्नान करे, घुन बोला तू ही कार्तिक स्नान कर ले।..

नमस्ते और नमस्कार मे क्या अंतर है?

नमस्कार और नमस्ते, एक जैसे अर्थ वाले दो शब्द। लेकिन अगर इनकी गहराई में जाया जाए तो दोनों में अंतर है। तिवारी जी एक कसबे के 12वीं तक के स्कूल में अध्यापक थे।

हिंदू परंपरा में गोत्र का महत्व

गोत्र हिंदू परंपरा की एक अवधारणा है जो किसी व्यक्ति के पैतृक वंश या कुल को संदर्भित करती है, जिसे आमतौर पर पुरुष वंश (पिता → दादा → परदादा, इत्यादि) के माध्यम से खोजा जाता है।

पूजा और आरती में अंतर

हिन्दू धर्म में पूजा पाठ का विशेष महत्व है। पूजा के माध्यम से लोग भगवान के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं और परिणामस्वरूप उनकी मनोकामना पूरी होती है। लोग दिन के अनुसार प्रत्येक भगवान की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। पूजा भगवान के प्रति समर्पण दिखाने के लिए की जाती है और इसके बाद आरती की रस्म होती है।

महाकुंभ में प्रसिद्ध अखाड़े

महाकुंभ की शान हैं अखाड़े। महाकुंभ में अखाड़े केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। तपस्वियों, संतों और आध्यात्मिक अभ्यासकर्ताओं से बने ये समूह भारत की आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित हैं।

जैन ध्वज क्या है?

जैन धर्म में जैन ध्वज महत्वपूर्ण है और इसके अनुयायियों के लिए एकता के प्रतीक के रूप में कार्य करता है। विभिन्न समारोहों के दौरान जैन ध्वज मंदिर के मुख्य शिखर के ऊपर फहराया जाता है।

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