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शीतला मंदिर, देवघर @Deoghar, Jharkhand

शीतला माता मंदिर @Gurugram, Haryana
अन्नपूर्णा माता मंदिर @Trimbak, Maharashtra
सर्वसुख, राजसम्मान तथा पुत्र-प्राप्ति के लिए मंगलवार व्रत रखना शुभ माना जाता है। पढ़े हनुमान जी से जुड़ी मंगलवार व्रत कथा...
बसौड़ा व्रत कथा | शीतला माता धरती पर राजस्थान के डुंगरी गाँव में आईं और देखा कि इस गाँव में मेरा मंदिर नहीं है, और ना ही मेरी पूजा होती है..
भगवान शिव की प्रेरणा से सप्तऋषि वसिष्ठजी ने गिरिश्रेष्ठ हिमालय को सुनाई अनरण्य की कथा। इन्द्रसावर्णि नामक चौदहवें मनुके वंश में मंगलारण्यका का महाबलवान् शिव भक्त पुत्र अनरण्य उत्पन्न हुआ था। वह राजराजेश्वर तथा सातों द्वीपोंका सम्राट् था।
॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...
ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं, वन्दे जगत्कारणम् । वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं..

हनुमान चालीसा लिरिक्स | जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा | बुरी आत्माओं से मुक्ति के लिए, शनि के प्रकोप से बचने हेतु हनुमान चालीसा का पाठ करें

जय-जय-जय श्री शीतला भवानी । जय जग जननि सकल गुणधानी ॥..

शिव चालीसा - जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला.. शिव चालीसा लिरिक्स के सरल शब्दों से भगवान शिव को आसानी से प्रसन्न होते हैं
भक्तमाल | जगद्गुरू श्री कृपालु जी महाराज | असली नाम - श्री राम कृपालु त्रिपाठी | आराध्य - श्री राधा कृष्ण | जन्म - शरद पूर्णिमा, 5 अक्टूबर 1922
पुष्पदंत भगवान, जिन्हें सुविधिनाथ के नाम से भी जाना जाता है, जैन परंपरा के अनुसार वर्तमान अवसर्पिणी के नौवें तीर्थंकर के रूप में पूजे जाते हैं।
श्री निर्मलानंदनाथ महास्वामीजी, श्री आदिचुंचनगिरि मठ के 72वें प्रधान पुजारी हैं। वह परम पूज्य जगद्गुरु पद्मभूषण श्री श्री श्री बालगंगाधरनाथ महा स्वामीजी के समर्पित शिष्य हैं।
भगवान सुमतिनाथ जैन धर्म में चौथे तीर्थंकर भगवान अभिनंदननाथ जी के बाद 5वें तीर्थंकर हैं।

हनुमान जी श्री राम के बहुत बड़े भक्त हैं और भगवान शिव के अवतार हैं। हनुमान जी के माता-पिता का नाम अंजना और केसरी है इसलिए उन्हें अंजनी-पुत्रा और केसरी-नंदन कहा जाता है।

सिरसागंज तथा उसके आस-पास के प्रसिद्ध मंदिरों की सूची नीचे देखी जा सकती है।

कृष्ण भक्तों के लिए भगवान कृष्ण के भारत में दस सबसे लोकप्रिय मंदिर
एक राजा था, उसने 10 खूंखार जंगली कुत्ते पाल रखे थे। जिनका इस्तेमाल वह लोगों को उनके द्वारा की गयी गलतियों पर मौत की सजा देने के लिए करता था...
बनारस में एक सड़क के किनारे एक बूढ़ा भिखारी बैठता था। वह उसकी निश्चित जगह थी। आने-जाने वाले पैसे या खाने-पीने को कुछ दे देते। इसी से उसका जीवन चल रहा था।
अचानक उसने अपने वस्त्र के अंदर से तीर कमान निकाला और झट से कबूतर को मार दिया।..
हिंदू धर्म के अनुसार दिन और रात को मिलाकर 24 घंटे में आठ प्रहर होते हैं। औसतन एक प्रहर तीन घंटे या साढ़े सात घंटे का होता है, जिसमें दो मुहूर्त होते हैं। एक प्रहर 24 मिनट की एक घाट होती है। कुल आठ प्रहर, दिन के चार और रात के चार।
काशी नगरी जो कि मोक्ष की नगरी है , जहां मृत्यु भी एक उत्सव है और जहां देवाधिदेव महादेव महा शमशान मणिकर्णिका घाट पर स्वयं अपने गणों और भक्तों के साथ धधकती चिताओं के बीच चिता भस्म की होली खेलते हैं, ऐसी मान्यता है।
सभी ऋतुओं की बात करें तो एक वर्ष में कुल छह ऋतुएँ होती हैं। इस मामले में, प्रत्येक मौसम की अवधि दो महीने है।
अगर आप देवघर जाने की योजना बना रहे हैं तो बाबा बैद्यनाथ के मुख्य मंदिर के अलावा आप देवघर में और भी बहुत कुछ देख सकते हैं। शिवगंगा | त्रिकूट पर्वत | नंदन पहाड़ी | सत्संग आश्रम | नौलखा मंदिर | तपोवन | रिखियापीठ आश्रम | हरिला जोरिक | श्रीनिवास आंगन | देवसंगा मठ