Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

आया मेला मैया का:भजन (Aaya Mela Maiya Ka)


आया मेला मैया का:भजन
भक्तो जय माता दी बोलो आया मेला मैया का,
मेला मैया का आया रेला मैया का,
भक्तो जय माता दी बोलो आया मेला मैया का ॥
जयकारा अम्बे मैया का जब कोई दिल से बोले,
कभी ना छोड़े जगदम्बे भण्डारे अपने खोले,
भक्तो जय माता दी बोलो आया मेला मैया का ॥

दाती की कृपा बिन कोई कैसे दर पे जाये,
जाता है दरबार वही जगदम्बे जिसे बुलाये,
भक्तो जय माता दी बोलो आया मेला मैया का ॥

नाम भवानी का जो लेता सब संकट टल जाते,
तन मन वाणी पावन होवे गुण मैया का गाते,
भक्तो जय माता दी बोलो आया मेला मैया का ॥
BhaktiBharat Lyrics

मन चाहा वर पालो होके मैया के अनुरागी,
भर मस्ती में होके मगन गुण गावे भूलन त्यागी,
भक्तो जय माता दी बोलो आया मेला मैया का ॥

Aaya Mela Maiya Ka in English

Bhakto Jai Mata Di Bolo Aaya Mela Maiya Ka, Mela Maiya Ka Aaya Rela Maiya Ka, Bhakto Jai Mata Di Bolo Aaya Mela Maiya Ka ॥
यह भी जानें

Bhajan Maa Durga BhajanMata BhajanNavratri BhajanMaa Sherawali BhajanDurga Puja BhajanJagran BhajanMata Ki Chauki BhajanShukravar BhajanFriday BhajanAshtami BhajanGupt Navratri BhajanJeen Bhawani BhajanJeen Mata BhajanRajasthani BhajanKuldevi Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

विष्णु विष्णु तू भण रे प्राणी - भजन

विष्णु विष्णु तू भण रे प्राणी, बोल सदा शुरु मीठी वाणी। जुगती मुगति पाई रे, इण मूल मंत्र से ।

बेद की औषद खाइ कछु न करै: माँ गंगा माहात्म्य

माँ गंगा मैया का गरिमामय माहात्म्य॥ बेद की औषद खाइ कछु न करै बहु संजम री सुनि मोसें ।..

ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ - भजन

करे हाहाकार निःशब्द सदा, ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ?

चलो मन गंगा जमुना तीर - भजन

चलो मन गंगा जमुना तीर, गंगा जमुना निर्मल पानी, शीतल होत शरीर...

गंगा किनारे चले जाणा - भजन

मिटदि है मूरत, जिन्दी ये वाणी है, गंगा किनारे चले जाणा, मुड़के फिर नहीं आणा..

शिव की जटा से बरसे, गंगा की धार है: भजन

शिव की जटा से बरसे, गंगा की धार है, गंगा की धार है, महीना ये सावन का है, छाई बहार है ॥

मानो तो मैं गंगा माँ हूँ - भजन

मानो तो मैं गंगा माँ हूँ, ना मानो तो बहता पानी, जो स्वर्ग ने दी धरती को, में हूँ प्यार की वही निशानी...

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP