Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

अमृत को छोड़ कर, जहर काहे पीजे: भजन (Amrit Ko Chod Kar, Jahar Kaahe Peeje)


अमृत को छोड़ कर, जहर काहे पीजे: भजन
अमृत को छोड़ कर,
जहर काहे पीजे,
राम नाम लीजे,
और सदा मौज कीजे ॥
मीठा राम नाम है,
और मीठी राम की कथा,
मीठा राम रूप से,
कहो कौन है भला,
बोलो इस मिठास पे,
कौन नही रीझे,
राम नाम लीजे,
और सदा मौज कीजे ॥

लोभ की नाव हो,
और मोह पतवार हो,
छल का छिद्र हो तो,
कैसे बेड़ा पार हो,
अपने ही कर्म पर,
अब काहे खीझे,
राम नाम लीजे,
और सदा मौज कीजे ॥

तेरे मेरे की कड़ी,
धूप चिलचिला रही,
लोभ की गर्म हवा,
हृदय को जला रही,
राम कृपा की घनी,
छाव तले रीजे,
राम नाम लीजे,
और सदा मौज कीजे ॥

देख तेरी दीनता,
पाप में मलीनता,
विषयो में लीनता,
साधनों से हीनता,
राम के सिवाय कहो,
किसका दिल पसीजे,

राम नाम लीजे,
और सदा मौज कीजे ॥

अमृत को छोड़ कर,
जहर काहे पीजे,
राम नाम लीजे,
और सदा मौज कीजे ॥

Amrit Ko Chod Kar, Jahar Kaahe Peeje in English

Amrit Ko Chhod Kar, Jahar Kaahe Peeje, Ram Naam Lije, Aur Sada Mauj Kije ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Nam BhajanSita Ram BhajanAyodhya Dham BhajanRaghunath BhajanPrabhu Shri Ram Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

अपनी चौखट पर बुला ले एक बार - भजन

हे माँ... हे माँ... हे माँ... तरस रही हैं आँखें मेरी, माँ दिखा दे दीदार, पर्वत की रानी, त्रिकुटा भवानी, सुन ले मेरी पुकार, मैया... अपनी चौखट पे बुला ले एक बार।

महाकाल की गुलामी मेरे काम आ रही है - भजन

महाकाल की गुलामी, मेरे काम आ रही है, उनकी ही कृपा से, एकदम मस्त जिंदगी है..

महाकाल से नाता है - भजन

उनके सिवा अब इस दिल को, कोई और नहीं भाता है, महाकाल से नाता है, मेरा महाकाल से नाता है, महादेव से नाता है, मेरा महादेव से नाता है

महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल कर दिया - भजन

तेरे कलयुग में भी भक्तो ने कमाल कर दिया, हो जय श्री महाकाल के नारे ने धमाल कर दिया, महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल कर दिया,
महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल कर दिया ॥

श्री हनुमान बाहुक

असहनीय कष्टों से हताश होकर अन्त में उसकी निवृत्ति के लिये गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमानजी की वन्दना आरम्भ की जो कि ४४ पद्यों के हनुमानबाहुक प्रसिद्ध स्तोत्र लिखा।

अमृत की बरसे बदरीया - भजन

अमृत की बरसे बदरीया, बाबा की दुअरिया, अमृत की बरसें बदरीया, बाबा की दुअरिया ॥

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी - भजन

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे । मन मंदिर की जोत जगा दो..

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP