झूले पलना में कृष्ण कन्हैया: भजनझूले पलना में कृष्ण कन्हैया, बधाई बाजे गोकुल में, बधाई बाजे गोकुल में, बधाई बाजे गोकुल में, झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया, बधाई बाजे गोकुल में ॥
मैं तो बन के दुल्हन आज सजी: भजनश्यामा आन बसो वृंदावन में, मेरी उमर बीत गई गोकुल में, मैं तो बन के दुल्हन आज सजी, बस तुम ही हो मेरे तन मन में,
श्यामा आन बसो वृंदावन में, मेरी उमर बीत गई गोकुल में ॥
नारायण जाप: भजनश्रीमन नारायण नारायण नारायण, लख चौरासी घूम के तूने ये मानव तन पाया
बजरंग बाणनिश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥