Hanuman Chalisa
Download APP Now - Hanuman Chalisa - Om Jai Jagdish Hare Aarti - Follow Bhakti Bharat WhatsApp Channel -

दिया थाली बिच जलता है: भजन (Diya Thali Vich Jalta Hai)


दिया थाली बिच जलता है: भजन
दिया थाली बिच जलता है,
ऊपर माँ का भवन बना,
नीचे गंगा जल बहता है ॥
दिया थाली बिच जलता है ।
ऊपर माँ का भवन बना,
नीचे गंगा जल बहता है ॥
माँ के माथे पे टीका है,
माँ की बिंदिया ऐसे चमके,
जैसे चाँद चमकता है ॥
दिया थाली बिच जलता है ।
ऊपर माँ का भवन बना,
नीचे गंगा जल बहता है ॥

माँ के गले में हरवा है,
माँ के झुमके ऐसे चमकें,
जैसे चाँद चमकता है ॥
दिया थाली बिच जलता है ।
ऊपर माँ का भवन बना,
नीचे गंगा जल बहता है ॥

माँ के हाथों में चूड़ियां है,
माँ के कंगन, मेंहदी ऐसे चमके
जैसे चाँद चमकता है ॥
दिया थाली बिच जलता है ।
ऊपर माँ का भवन बना,
नीचे गंगा जल बहता है ॥

मां के पैरों में पायल हैं,
मां के बिछुए ऐसे चमके,
जैसे चाँद चमकता है ॥
दिया थाली बिच जलता है ।
ऊपर माँ का भवन बना,
नीचे गंगा जल बहता है ॥

माँ के अंग पे साड़ी है,
माँ की चुनरी ऐसे चमके,
जैसे चाँद चमकता है ॥
दिया थाली बिच जलता है ।
ऊपर माँ का भवन बना,
नीचे गंगा जल बहता है ॥

Diya Thali Vich Jalta Hai in English

Diya Thali Vich Jalta Hai । Upar Maa Ka Bhawan Bana
यह भी जानें

Bhajan Maa Durga BhajanMata BhajanNavratri BhajanMaa Sherawali BhajanDurga Puja BhajanMaa Durga BhajanJagran BhajanMata Ki Chauki BhajanShukravar BhajanFriday BhajanGulsan Kumar BhajanOld Bhajan

अन्य प्रसिद्ध दिया थाली बिच जलता है: भजन वीडियो

दिया थाली में जलता है

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

प्रथम गणराज को सुमिरूं, जो रिद्धि सिद्धि दाता है: भजन

सुनो शंकर सुवन मुझको, अबुद्धि ज्ञान दे जाओ, अँधेरे में भटकते को, धर्म की राह दिखलाओ, धर्म की राह दिखलाओ,
‘अनिल’ विनती करे उनकी, विनायक जो कहाता है, प्रथम गणराज को सुमिरूं, जो रिद्धि सिद्धि दाता है ॥

भर दों झोली मेरी गणराजा: भजन

अब तो सुन ले मेरी हो गणराजा, आ लगा ले तू मुझको भी दिल से, जब तलक तू मिला दे ना बिछड़ी, दर से तेरे न जाए सवाली, भर दों झोली मेरी गणराजा, लौटकर मै ना जाऊंगा खाली ॥

तेरे दरशन को गणराजा, तेरे दरबार आए है: भजन

सुना है ताजे फूलों के, तुम्हे गजरे सुहाते है, सुना है ताजे फूलों के, तुम्हे गजरे सुहाते है, बागों से ‘सुमन योगी’, सुगन्धित फुल लाए है,
तेरे दरशन को गणराजा, तेरे दरबार आए है ॥

मूषक सवारी लेके, आना गणराजा: भजन

मूषक सवारी लेके, आना गणराजा, रिद्धि सिद्धि को ले आना, आके भोग लगाना, मेरे आंगन में, आंगन में, मुषक सवारी लेके, आना गणराजा ॥

गौरी नंदन थारो अभिनंदन, करे सारो परिवार: भजन

गौरी नंदन थारो अभिनंदन, करे सारो परिवार, गजानन आन पधारो, लड़ावा लाड़ मैं थारो, गजानन आन पधारो, लड़ावा लाड़ मैं थारो ॥

मंगल मूर्ति रूप लेकर गणपति जी आ गए: भजन

मंगल मूर्ति रूप लेकर गणपति जी आ गए, भक्त जनों के दिल पर देवा दूर दूर तक छा गए, गणपति बप्पा मोरया मंगलमूर्ति मोरया ॥

प्रार्थना है यही मेरी हनुमान जी: भजन

प्रार्थना है यही मेरी हनुमान जी, मेरे सर पर भी अब हाथ धर दीजिए, राम सीता का दर्शन कराके मुझे, मेरे सपने को साकार कर दीजिए,
प्रार्थना हैं यही मेरी हनुमान जी, मेरे सर पर भी अब हाथ धर दीजिए ॥

Hanuman Chalisa -
Ram Bhajan -
×
Bhakti Bharat APP