धनतेरस | तुलसी विवाह | आज का भजन!

जय राधा माधव, जय कुन्ज बिहारी! (Jai Radha Madhav, Jai Kunj Bihari)


जय राधा माधव,
जय कुन्ज बिहारी
जय राधा माधव,
जय कुन्ज बिहारी
जय गोपी जन बल्लभ,
जय गिरधर हरी
जय गोपी जन बल्लभ,
जय गिरधर हरी
॥ जय राधा माधव...॥

यशोदा नंदन, ब्रज जन रंजन
यशोदा नंदन, ब्रज जन रंजन
जमुना तीर बन चारि,
जय कुन्ज बिहारी
॥ जय राधा माधव...॥

मुरली मनोहर करुणा सागर
मुरली मनोहर करुणा सागर
जय गोवर्धन हरी,
जय कुन्ज बिहारी
॥ जय राधा माधव...॥

हरे कृष्णा हरे कृष्णा,
कृष्णा कृष्णा हरे हरे
हरे कृष्णा हरे कृष्णा,
कृष्णा कृष्णा हरे हरे
हरे रामा हरे रमा,
रामा रामा हरे हरे
हरे रामा हरे रमा,
रामा रामा हरे हरे

हरे कृष्णा हरे कृष्णा,
कृष्णा कृष्णा हरे हरे
हरे कृष्णा हरे कृष्णा,
कृष्णा कृष्णा हरे हरे
हरे रामा हरे रमा,
रामा रामा हरे हरे
हरे रामा हरे रमा,
रामा रामा हरे हरे

Jai Radha Madhav, Jai Kunj Bihari in English

Jai Radha Madhav, Jai Kunj Bihari, Jai Gopi Jan Ballabh, Jai Giradhar Hari...
यह भी जानें

BhajanShri Krishna BhajanKrishan BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanJagjit Singh Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

जम्भेश्वर आरती: ओ३म् शब्द सोऽहं ध्यावे

ओ३म् शब्द सोऽहं ध्यावे, स्वामी शब्द सोऽहं ध्यावे । धूप दीप ले आरती निज हरि गुण गावे । मंदिर मुकुट त्रिशुल ध्वजा, धर्मों की फ हरावे ।...

भजन: म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश

म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश, भाग म्हारो जागियो ॥ मरूधर देश समराथल भूमि, गुरूजी दियो उपदेश ।...

भजन: द्वार पे गुरुदेव के हम आगए

द्वार पे गुरुदेव के हम आ गए । ज्योति में दर्शन गुरु का पा गए ॥ देखलो हमको भला दर्शन हुआ । प्रेम हिरदे में मगन प्रसन्न हुआ...

भजन : गुरु मेरी पूजा, गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म!

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म, गुरु भगवंत, गुरु मेरा देव अलख अभेव...

भजन: कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार!

कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार। हाथों में फूलों का दौना भी सोहे, सुंदर गले में सोहे हार, कुमार मैने देखे...

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी!

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी, ब्रज/वृंदावन में आ गए।

जय राधा माधव, जय कुन्ज बिहारी!

जय राधा माधव, जय कुन्ज बिहारी, जय गोपी जन बल्लभ, जय गिरधर हरी...

जय जय सुरनायक जन सुखदायक

जय जय सुरनायक जन सुखदायक प्रनतपाल भगवंता। गो द्विज हितकारी जय असुरारी सिधुंसुता प्रिय कंता ॥

भजन: राम कहने से तर जाएगा!

राम कहने से तर जाएगा, पार भव से उतर जायेगा। उस गली होगी चर्चा तेरी...

मेरे मन के अंध तमस में...

मेरे मन के अंध तमस में, ज्योतिर्मय उतारो। जय जय माँ...

top