close this ads

मेरे मन के अंध तमस में...


जय जय माँ, जय जय माँ। जय जय माँ, जय जय माँ।
जय जय माँ, जय जय माँ। जय जय माँ, जय जय माँ।

मेरे मन के अंध तमस में, ज्योतिर्मय उतारो।
जय जय माँ, जय जय माँ। जय जय माँ, जय जय माँ।

मेरे मन के अंध तमस में, ज्योतिर्मय उतारो।
जय जय माँ, जय जय माँ। जय जय माँ, जय जय माँ।

कहाँ यहाँ देवों का नंदन,
मलयाचल का अभिनव चन्दन।
मेरे उर के उजड़े वन में, करुणामयी विचरो॥
॥ मेरे मन के अंध तमस में...॥

नहीं कहीं कुछ मुझ में सुन्दर,
काजल सा काला यह अंतर।
प्राणों के गहरे गह्वर में, ममता मई विहरो॥
॥ मेरे मन के अंध तमस में...॥

वर दे वर दे, वींणा वादिनी वर दे।
निर्मल मन कर दे, प्रेम अतुल कर दे।
सब की सद्गति हो, ऐसा हम को वर दे॥
॥ मेरे मन के अंध तमस में...॥

सत्यमयी तू है, ज्ञानमयी तू है।
प्रेममयी भी तू है, हम बच्चो को वर दे॥

सरस्वती भी तू है, महालक्ष्मी तू है।
महाकाली भी तू है, हम भक्तो को वर दे॥

ये भी जानें

BhajanMaa Durga BhajanMata BhajanMaa Saraswati BhajanNavratri BhajanJagjit Singh Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें साझा जरूर करें: यहाँ साझा करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

राम को देख कर के जनक नंदिनी, और सखी संवाद!

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी। थे जनक पुर गये देखने के लिए...

राम सीता और लखन वन जा रहे!

श्री राम भजन वीडियो: राम सीता और लखन वन जा रहे, हाय अयोध्या में अँधेरे छा रहे...

जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया..

जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया, सबको बहुत बधाई है, बहुत बधाई है...

राम को देख कर के जनक नंदिनी

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी। यज्ञ रक्षा में जा कर के मुनिवर के संग...

भजन: कभी राम बनके, कभी श्याम बनके!

कभी राम बनके कभी श्याम बनके, चले आना प्रभुजी चले आना...

राम नाम लड्डू, गोपाल नाम घी..

राम नाम लड्डू, गोपाल नाम घी। हरि नाम मिश्री, तू घोल-घोल पी ॥

घर आये राम लखन और सीता..

घर आये राम लखन और सीता, अयोध्या सुन्दर सज गई रे, सुन्दर सज गई रे अयोध्या...

बोलो राम! मन में राम बसा ले।

बोलो राम जय जय राम, जन्म सफल होगा बन्दे, मन में राम बसा ले...

भजन: श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में!

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में, देख लो मेरे मन के नागिनें में।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम। भजमन प्यारे, जय सिया राम।

^
top