करवा चौथ | अहोई अष्टमी | आज का भजन!

मेरे मन के अंध तमस में... (Mere Man Ke Andh Tamas Me Jyotirmayi Utaro)


जय जय माँ, जय जय माँ ।
जय जय माँ, जय जय माँ ।
जय जय माँ, जय जय माँ ।
जय जय माँ, जय जय माँ ।

मेरे मन के अंध तमस में,
ज्योतिर्मय उतारो ।
जय जय माँ, जय जय माँ ।
जय जय माँ, जय जय माँ ।

मेरे मन के अंध तमस में,
ज्योतिर्मय उतारो ।
जय जय माँ, जय जय माँ ।
जय जय माँ, जय जय माँ ।

कहाँ यहाँ देवों का नंदन,
मलयाचल का अभिनव चन्दन ।
मेरे उर के उजड़े वन में,
करुणामयी विचरो ॥
॥ मेरे मन के अंध तमस में...॥

नहीं कहीं कुछ मुझ में सुन्दर,
काजल सा काला यह अंतर ।
प्राणों के गहरे गह्वर में,
ममता मई विहरो ॥
॥ मेरे मन के अंध तमस में...॥

वर दे वर दे,
वींणा वादिनी वर दे ।
निर्मल मन कर दे,
प्रेम अतुल कर दे ।
सब की सद्गति हो,
ऐसा हम को वर दे ॥
॥ मेरे मन के अंध तमस में...॥

सत्यमयी तू है,
ज्ञानमयी तू है ।
प्रेममयी भी तू है,
हम बच्चो को वर दे ॥

सरस्वती भी तू है,
महालक्ष्मी तू है ।
महाकाली भी तू है,
हम भक्तो को वर दे ॥

यह भी जानें

BhajanMaa Durga BhajanMata BhajanMaa Saraswati BhajanNavratri BhajanJagjit Singh Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

भजन: कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार!

कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार। हाथों में फूलों का दौना भी सोहे, सुंदर गले में सोहे हार, कुमार मैने देखे...

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी!

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी, ब्रज/वृंदावन में आ गए।

जय राधा माधव, जय कुन्ज बिहारी!

जय राधा माधव, जय कुन्ज बिहारी, जय गोपी जन बल्लभ, जय गिरधर हरी...

जय जय सुरनायक जन सुखदायक

जय जय सुरनायक जन सुखदायक प्रनतपाल भगवंता। गो द्विज हितकारी जय असुरारी सिधुंसुता प्रिय कंता ॥

भजन: राम कहने से तर जाएगा!

राम कहने से तर जाएगा, पार भव से उतर जायेगा। उस गली होगी चर्चा तेरी...

मेरे मन के अंध तमस में...

मेरे मन के अंध तमस में, ज्योतिर्मय उतारो। जय जय माँ...

भजन: रघुपति राघव राजाराम

रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम ॥ सुंदर विग्रह मेघश्याम, गंगा तुलसी शालग्राम...

भजन: भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए, ओ मैया तेरे दरबार, में हाँ तेरे दीदार, कि मैं आऊंगा, कभी न फिर जाऊँगा...

भजन: मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की।

मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की। जय जय संतोषी माता जय जय माँ॥

भजन: तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये!

साँची ज्योतो वाली माता, तेरी जय जय कार। तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये।

top