close this ads

कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...


कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे,
लताओं में बृज की गुजारा करेंगे।
कहीं तो मिलेंगे वो बांके बिहारी,
कहीं तो मिलेंगे वो बांके बिहारी,
उन्ही के चरण चित लगाया करेंगे
कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे,
लताओं में बृज की गुजारा करेंगे।

बना करके हृदय में हम प्रेम मंदिर
वहीँ उनको झूला झुलाया करेंगे
॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥

उन्हें हम बिठाएंगे आँखों में दिल में
उन्ही से सदा लौ लगाया करेंगे
॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥

जो रूठेंगे हमसे वो बांके बिहारी
चरण को पकड़ हम मनाया करेंगे
॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥

उन्हें प्रेम डोर से हम बाँध लेंगे
तो फिर वो कहा भाग जाया करेंगे
॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥

उन्होंने छुडाये थे गज के वो बंधन
वही मेरे संकट मिटाया करेंगे
॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥

उन्होंने नचाया था ब्रह्माण्ड सारा
मगर अब उन्हें हम नचाया करेंगे
॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥

भजेंगे जहा प्रेम से नन्द नंदन
कन्हैया छवि को दिखाया करेंगे

कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे,
लताओं में बृज की गुजारा करेंगे।
कहीं तो मिलेंगे वो बांके बिहारी,
कहीं तो मिलेंगे वो बांके बिहारी,
उन्ही के चरण चित लगाया करेंगे
कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे,
लताओं में बृज की गुजारा करेंगे।

ये भी जानें

BhajanShri Krishna BhajanJanmashtami Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें साझा जरूर करें: यहाँ साझा करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

तू प्यार का सागर है...

तू प्यार का सागर है, तेरी एक बूँद के प्यासे हम। लौटा जो दिया तूने, चले जायेंगे जहां से हम...

भजन: सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को...

जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को मिल जाये तरुवर की छाया, ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है...

भजन: वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे...

वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीड परायी जाणे रे। पर दुःखे उपकार करे तो ये...

भजन: शरण में आये हैं हम तुम्हारी

शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी...

भजन: क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी!

क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी, अब तक के सारे अपराध। धो डालो तन की चादर को...

मात अंग चोला साजे..

मात अंग चोला साजे, हर रंग चोला साजे, मात की महिमा देखो, ज्योत दिन रैना जागे...

सावन की बरसे बदरिया...

सावन की बरसे बदरिया, माँ की भीगी चुनरीया, भीगी चुनरिया माँ की...

तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है!

तेरी छाया मे, तेरे चरणों मे, मगन हो बैठूं, तेरे भक्तो मे॥ तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है...

मेरे मन के अंध तमस में...

मेरे मन के अंध तमस में, ज्योतिर्मय उतारो। जय जय माँ...

कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे!

कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे, निर्धन के घर भी आ जाना। जो रूखा सूखा दिया हमें...

^
top