Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

माँ रेवा: थारो पानी निर्मल (Maa Rewa: Tharo Pani Nirmal)


माँ रेवा: थारो पानी निर्मल
नदी को भारत मे माँ का सम्मान दिया गया है, तथा नर्मदा नदी को माँ रेवा के रूप में भी जाना जाता है। यह मध्य-भारत की जीवनरेखा की तरह है। नर्मदा का निर्मल पानी एवं उसके कल-कल करते बहते पानी को शब्दों मे पिरोह कर एक बहुत ही सुंदर गीत निर्मित किया गया है।
इस गीत को नर्मदा घाटी के किनारे की संस्कृति में रचे-बसे लोग प्रायः गाते ही हैं, तथा यह नदियों पर लिखे गए गीतों में बहुत अधिक गाया जाने वाला गीत भी है।

माँ रेवा थारो पानी निर्मल,
खलखल बहतो जायो रे..
माँ रेवा !

अमरकंठ से निकली है रेवा,
जन-जन कर गयो भाड़ी सेवा..
सेवा से सब पावे मेवा,
ये वेद पुराण बतायो रे !

माँ रेवा थारो पानी निर्मल,
खलखल बहतो जायो रे..
माँ रेवा !

Maa Rewa | Indian Ocean | Kandisa

Maa Rewa: Tharo Pani Nirmal in English

Ma Rewa Tharo Paani Nirmal, Khal Khal Behto Jaye Re..
यह भी जानें

Bhajan Times Music BhajanIndian Ocean BhajanKandisa BhajanMaa Narmada BhajanNarmada BhajanReva Bhajan

अन्य प्रसिद्ध माँ रेवा: थारो पानी निर्मल वीडियो

माँ रेवा: थारो पानी निर्मल

माँ रेवा: थारो पानी निर्मल - भागवताचार्य सोनम मिश्रा जी

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

आज बिरज में होरी रे रसिया: होली भजन

आज बिरज में होरी रे रसिया। होरी रे होरी रे बरजोरी रे रसिया॥

होली खेल रहे नंदलाल - होली भजन

होली खेल रहे नंदलाल वृंदावन कुञ्ज गलिन में। वृंदावन कुञ्ज गलिन में...

होली भजन: फाग खेलन बरसाने आये हैं, नटवर नंद किशोर

फाग खेलन बरसाने आये हैं, नटवर नंद किशोर । घेर लई सब गली रंगीली, छाय रही छबि छटा छबीली..

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं - भजन

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम । कौन कहता हे भगवान आते नहीं..

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी - भजन

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार - भजन

मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार, नज़र तोहे लग जाएगी।..

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी - भजन

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी, ब्रज/वृंदावन में आ गए।

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP