Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं - भजन (Na Jane Kaun Se Gun Par Dayanidhi Reejh Jate Hain)


ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं - भजन
ना जाने कौन से गुण पर,
दयानिधि रीझ जाते हैं ।
यही सद् ग्रंथ कहते हैं,
यही हरि भक्त गाते हैं ॥
॥ कि ना जाने कौन से गुण पर..॥
नहीं स्वीकार करते हैं,
निमंत्रण नृप सुयोधन का ।
विदुर के घर पहुँचकर भोग,
छिलकों का लगाते हैं ॥
॥ कि ना जाने कौन से गुण पर..॥

न आये मधुपुरी से गोपियों की,
दु:ख व्यथा सुनकर ।
द्रुपदजा की दशा पर,
द्वारका से दौड़े आते हैं ॥
॥ कि ना जाने कौन से गुण पर..॥

न रोये बन गमन में,
श्री पिता की वेदनाओं पर ।
उठा कर गीध को निज गोद में ,
आँसु बहाते हैं ॥
॥ कि ना जाने कौन से गुण पर..॥

कठिनता से चरण धोकर,
मिले कुछ 'बिन्दु' विधि हर को ।
वो चरणोदक स्वयं केवट के,
घर जाकर लुटाते हैं ॥
॥ कि ना जाने कौन से गुण पर..॥

ना जाने कौन से गुण पर,
दयानिधि रीझ जाते हैं ।
यही सद् ग्रंथ कहते हैं,
यही हरि भक्त गाते हैं ॥

Na Jane Kaun Se Gun Par Dayanidhi Reejh Jate Hain in English

Na Jane Kaun Se Gun Par, Dayanidhi Reejh Jate Hain । Yahi Sad Granth Kahate Hain, Yahi Hari Bhakt Gate Hain ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanKrishna BhajanJanmashtami BhajanSundarkand BhajanRamayan Path BhajanVijayadashami BhajanRam Sita Vivah BhajanShri Vishnu BhajanRajan Ji Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में: भजन

आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में, मोरे अंगना में तोरी मढिया में, छाईं खुशियां अपरम्पार, भवानी तोरी मढिया में, आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में ॥

नित महिमा मै गाउँ मैया तेरी: भजन

सदा ज्योत जगाऊँ मैया तेरी, मुझे ना कुछ और चाहिए, नित महिमा मै गाउँ मैया तेरी, मुझे ना कुछ और चाहिए ॥

खेल पंडा खेल पंडा रे - भजन

खेल पंडा खेल पंडा, खेल पंडा रे, घड़ी आ गई सुहानी, खेल पंडा रे

सिंघ सवारी महिमा भारी: भजन

सिंघ सवारी महिमा भारी, पहाड़ों में अस्थान तेरा, ब्रम्हा विष्णु शिव शंकर भी, करते माँ गुणगान तेरा ॥

तुम शरणाई आया ठाकुर - शब्द कीर्तन

तुम शरणाई आया ठाकुर ॥ उतरि गइओ मेरे मन का संसा, जब ते दरसनु पाइआ ॥

जगत में कोई ना परमानेंट - भजन

जगत में कोई ना परमानेंट, तेल चमेली चन्दन साबुन

भगवान बुद्ध वन्दना

नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स। नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स।...

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP