Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी (Brahman Swarastra Mein Hon)


ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी
वैदिक काल से राष्ट्र या देश के लिए गाई जाने वाली राष्ट्रोत्थान प्रार्थना है। इस काव्य को वैदिक राष्ट्रगान भी कहा जा सकता है। भक्ति भारत के अनुसार, आज भी यह प्रार्थना भारत के विभिन्न गुरुकुलों व स्कूल मे गाई जाती है। आर्य जनता इंटर कालेज, पैगू की यह प्रातः कालीन वंदना है।
यह मूल रूप से यजुर्वेद के संस्कृत श्लोक का हिन्दी रूपांतरण है।
ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों,
द्विज ब्रह्म तेजधारी ।
क्षत्रिय महारथी हों,
अरिदल विनाशकारी ॥

होवें दुधारू गौएँ,
पशु अश्व आशुवाही ।
आधार राष्ट्र की हों,
नारी सुभग सदा ही ॥

बलवान सभ्य योद्धा,
यजमान पुत्र होवें ।
इच्छानुसार वर्षें,
पर्जन्य ताप धोवें ॥

फल-फूल से लदी हों,
औषध अमोघ BhaktiBharat Lyrics सारी ।
हों योग-क्षेमकारी,
स्वाधीनता हमारी ॥

संस्कृत श्लोक:
ओ३म् आ ब्रह्मन् ब्राह्मणों ब्रह्मवर्चसी जायतामाराष्ट्रे राजन्यः शूरऽइषव्योऽतिव्याधी महारथो जायतां दोग्ध्री धेनुर्वोढ़ाऽनड्वानाशुः सप्तिः पुरन्धिर्योषा जिष्णू रथेष्ठाः सभेयो युवास्य यजमानस्य वीरो जायतां निकामे-निकामे नः पर्जन्यो वर्षतु फलवत्यो नऽओषधयः पच्यन्तां योगक्षेमो नः कल्पताम्॥
- यजुर्वेद २२, मन्त्र २२

Brahman Swarastra Mein Hon in English

Brahman! Swarashtra Mein Hon, Dwij Brahm Tejdhari । This prayer is sung in various gurukuls and schools of India. Students from Aryan Janata Inter College, Paigu sung this prayers in the morning assembly.
यह भी जानें

Bhajan Vedic BhajanVed BhajanSchool BhajanCollage BhajanMatrabhomi BhajanDesh Bhakti BhajanPatriotic BhajanAryan Janata Inter College BhajanIndependence Day BhajanRepublic Day Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

हर कष्ट करो दूर हमारे गणेश जी: श्री गणेश भजन

गौरा के लाल शिव के दुलारे गणेश जी, हर कष्ट करो दूर हमारे गणेश जी ॥

मेरे हृदये करो परवेश जी: भजन

मेरे हृदये करो परवेश जी, हृदये करो परवेश जी, मेरे काटो सकल कलेश जी, मेरे काटो सकल कलेश जी, तेरी जय जय जय हो गणेश जी, तेरी जय जय जय हो गणेश जी, तेरी जय जय जय हो गणेश जी ॥

हे गौरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला - भजन

चंदा ने तेरा रूप बनाया, तारों ने गहना पहनाया, सब ऋषियों ने नमन किया तुझे, सब ऋषियों ने नमन किया तुझे, भक्तों के प्रतिपाला, हे गोरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला, गोरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला ॥

जय जय हों श्री गणेशा, किरपा करना हमेशा: भजन

जय जय हों श्री गणेशा, किरपा करना हमेशा, आए है तेरे दर पे गणेशा, आए है तेरे दर पे, काटो सकल कलेशा, जय जय हों श्री गणेशा,
किरपा करना हमेशा ॥

घर में पधारो गजानन जी - भजन

घर में पधारो गजाननजी, मेरे घर में पधारो, ग्रह प्रवेश के समय गाए जाने वाला पॉपुलर श्री गणेश भजन...

मैं खाटू में आऊँ बाबा सातों जनम - भजन

मैं खाटू में आऊँ बाबा सातों जनम, सातों जनम बाबा, जन्मो जनम

मने अच्छा लागे से: भजन

तेरे ऊंचे ऊंचे देखूं जो निशान बाला जी, दिल में जगे सै अरमान बाला जी, तूने भर दी मेरी गोज तेरी कृपा से मौज, तेरे दर पे आना रोज मने अच्छा लागे सै, तेरे तन में है राम तेरे मन में है राम, तन्ने कहना राम-राम मने अच्छा लागे सै ॥

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP