Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ - माँ संतोषी भजन (Yahan Wahan Jahan Tahan)


यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ - माँ संतोषी भजन
यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ,
मत पूछो कहाँ-कहाँ,
है सँतोषी माँ !
अपनी सँतोषी माँ,
अपनी सँतोषी माँ ।
जल में भी थल में भी,
चल में अचल में भी,
अतल वितल में भी माँ ।
अपनी सँतोषी माँ,
अपनी सँतोषी माँ ।
बड़ी अनोखी चमत्कारिणी,
ये अपनी माई
राई को पर्वत कर सकती,
पर्वत को राई
द्धार खुला दरबार खुला है,
आओ बहन भाई
इस के दर पर कभी,
दया की कमी नहीं आई
पल में निहाल करे,
दुःख का निकाल करे,
तुरंत कमाल करे माँ ।
अपनी सँतोषी माँ,
अपनी सँतोषी माँ ।

हाँ वहाँ जहाँ तहाँ,
मत पूछो कहाँ-कहाँ,
है सँतोषी माँ !
अपनी सँतोषी माँ,
अपनी सँतोषी माँ ।

इस अम्बा में जगदम्बा में,
गज़ब की है शक्ति
चिंता में डूबे हुय लोगो,
कर लो इस की भक्ति
अपना जीवन सौंप दो इस को,
पा लो रे मुक्ति
सुख सम्पति की दाता ये माँ,
क्या नहीं कर सकती
बिगड़ी बनाने वाली,
दुखड़े मिटाने वाली,
कष्ट हटाने वाली माँ ।
अपनी सँतोषी माँ,
अपनी सँतोषी माँ ।

हाँ वहाँ जहाँ तहाँ,
मत पूछो कहाँ-कहाँ,
है सँतोषी माँ !
अपनी सँतोषी माँ,
अपनी सँतोषी माँ ।

गौरी सुत गणपति की बेटी,
ये है बड़ी भोली
देख - देख कर इस का मुखड़ा,
हर इक दिशा डोली
आओ रे भक्तो ये माता है,
सब की हमजोली
जो माँगोगे तुम्हें मिलेगा,
भर लो रे झोली
उज्जवल-उज्जवल,
निर्मल-निर्मल,
सुन्दर-सुन्दर माँ ।
अपनी सँतोषी माँ,
अपनी सँतोषी माँ ।

हाँ वहाँ जहाँ तहाँ,
मत पूछो कहाँ-कहाँ,
है सँतोषी माँ !
अपनी सँतोषी माँ,
अपनी सँतोषी माँ ।
- Movie: Jai Santoshi Maa 1975

Yahan Wahan Jahan Tahan in English

yahan wahan jahan tahan, mat puchho kahan-kahan, hai santoshi maa !
यह भी जानें

Bhajan Maa Durga BhajanMata BhajanNavratri BhajanMaa Sherawali BhajanDurga Puja BhajanJagran BhajanMata Ki Chauki BhajanShukravar BhajanFriday BhajanAshtami BhajanGupt Navratri BhajanSantoshi Maa BhajanUsha Mangeshkar BhajanHindi Movie Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

श्री हनुमान बाहुक

असहनीय कष्टों से हताश होकर अन्त में उसकी निवृत्ति के लिये गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमानजी की वन्दना आरम्भ की जो कि ४४ पद्यों के हनुमानबाहुक प्रसिद्ध स्तोत्र लिखा।

अमृत की बरसे बदरीया - भजन

अमृत की बरसे बदरीया, बाबा की दुअरिया, अमृत की बरसें बदरीया, बाबा की दुअरिया ॥

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी - भजन

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे । मन मंदिर की जोत जगा दो..

हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे: भजन

हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे, सुन सांवरे हारे का सहारा, तेरा नाम रे ॥

भजन: हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना..

हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना, लागी लगन मत तोडना, प्यारे लागी लगन मत तोडना...

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।..

एक हरि को छोड़ किसी की चलती नहीं है मनमानी - भजन

एक हरि को छोड़ किसी की, चलती नहीं है मनमानी, चलती नही है मनमानी......

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP