जगन्नाथ मंदिर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश क्यों वर्जित है?
पुरी के जगन्नाथ मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगी रोक मंदिर से जुड़ी सबसे चर्चित बातों में से एक है। हालांकि यह नियम कुछ लोगों को अजीब लग सकता है, लेकिन यह आधुनिक कानून के बजाय सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं और मंदिर की रीति-रिवाजों पर आधारित है।
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भगवान जगन्नाथ का महाप्रसाद मिट्टी के बर्तन में क्यों बनाया जाता है?
जगन्नाथ मंदिर में स्थित रसोई को दुनिया की सबसे बड़ी रसोई भी कहा जाता है। यहां भगवान जगन्नाथ के लिए 56 भोग का प्रसाद भी बनाया जाता है।
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पुरी के विमल पीठ मंदिर में शोलपूजा
विमला मंदिर (जिसे बिमला या विमला पीठ भी लिखा जाता है) पुरी (ओडिशा) के जगन्नाथ मंदिर परिसर में स्थित एक अत्यंत पवित्र शक्तिपीठ है।
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गोटीपुअ नृत्य भारत के ओडिशा राज्य का एक पारंपरिक नृत्य है, जिसे शास्त्रीय ओडिसी नृत्य का अग्रदूत माना जाता है।
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बटगणेश मंदिर, पुरी जगन्नाथ मंदिर में गणेश चतुर्थी
जगन्नाथ मंदिर पुरी के बटगणेश मंदिर में हर साल गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
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भगवान जगन्नाथ के अनसर अनुष्ठान
भगवान जगन्नाथ का अनसर अनुष्ठान ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, और यह रथ यात्रा (रथ महोत्सव) चक्र का एक अभिन्न अंग है।
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चंदन यात्रा भारत के पुरी में जगन्नाथ मंदिर में मनाया जाने वाला सबसे लंबा त्योहार है। अक्षय तृतीया से शुरू होकर 21 दिनों तक चलता है।...
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जगन्नाथ लक्ष्मी नारायण भेश या थियाकिया भेश
कार्तिक शुक्ल एकादशी को महाप्रभु का लक्ष्मी नारायण भेश या थियाकिया भेश होता है।
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Peptide science continues to expand the understanding of how short amino-acid sequences may participate in complex biological signaling systems.
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भगवान जगन्नाथ के नील माधव के रूप में होने के पीछे क्या कहानी है?
नील माधव (या नीला माधव) के रूप में भगवान जगन्नाथ की कहानी प्राचीन हिंदू परंपराओं, विशेष रूप से ओडिशा की परंपराओं में निहित एक गहरी आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक कहानी है।
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शिवलिंग पर बेलपत्र कैसे चढ़ाएं?
शिवलिंग पर बेलपत्र (बिल्व पत्र) चढ़ाते समय, हिंदू धर्मग्रंथों और पारंपरिक पूजा पद्धतियों के अनुसार, इसे एक विशिष्ट विधि से अर्पित किया जाना चाहिए।
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संकष्टी चतुर्थी और विनायक चतुर्थी में क्या अंतर है?
शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी जो पूर्णिमा के बाद आती है उसे संकष्टी चतुर्थी कहते हैं।
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वसंत पंचमी वसंत ऋतु के बजाय शिशिर ऋतु में क्यों आती है?
वसंत पंचमी शिशिर ऋतु में इसलिए मनाई जाती है क्योंकि यह वसंत के आने की शुरुआत का जश्न है, न कि पूरे वसंत मौसम का।
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लड्डू गोपाल रूप भगवान कृष्ण के सबसे लोकप्रिय रूपों में से एक है। लड्डू गोपाल के आकार ?
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अन्नदान को 'महापुण्य' क्यों कहा जाता है?
हिंदू परंपरा में अन्नदान (भोजन का दान) को "महापुण्य" (सबसे बड़ा पुण्य) कहा जाता है क्योंकि यह सीधे तौर पर जीवन को बनाए रखता है। कई हिंदू धर्मग्रंथ सिखाते हैं कि दान के सभी रूपों में, भूखों को भोजन कराना सबसे नेक कामों में से एक है।
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