पितृ पक्ष - Pitru Paksha
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जन्माष्टमी विशेषांक 2026

आइए जानें! श्री कृष्ण जन्माष्टमी से जुड़ी कुछ जानकारियाँ, प्रसिद्ध भजन एवं सम्वन्धित अन्य प्रेरक तथ्य..

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ISKCON

ISKCON संप्रदाय के भक्त भगवान श्री कृष्ण को अपना आराध्य मानते हैं। इनके द्वारा गाये जाने वाले भजन, मंत्र एवं गीतों का कुछ संग्रह यहाँ सूचीबद्ध किया गया है, सभी सनातनी परम्परा के भक्त इसका आनंद लें।

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संकष्टी चतुर्थी और विनायक चतुर्थी में क्या अंतर है?

शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी जो पूर्णिमा के बाद आती है उसे संकष्टी चतुर्थी कहते हैं।

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ऑस्ट्रेलिया में कैसे मनाई जाती है जन्माष्टमी?

ऑस्ट्रेलिया में, श्री कृष्ण जन्माष्टमी, कृष्ण भक्तो के लिए वर्ष के सबसे शुभ और उत्सव मुखर दिन है।

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कनाडा में जन्माष्टमी समारोह

जन्माष्टमी कनाडा भर में हिंदू समुदाय द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है ।

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द्वारका धाम ध्वज समारोह

द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका: जगत मंदिर में प्रतिदिन पांच ध्वजारोहण होता है। भक्त ध्वजाजी के आध्यात्मिक रूप का सम्मान करते हैं और भक्ति, सम्मान, शुद्ध प्रेम और विश्वास के प्रतीक के रूप में उन्हें नमन करते हैं। इस ध्वज को लेकर भक्तों में इतनी श्रद्धा और भक्ति है कि कभी-कभी इसे चढ़ाने के लिए भक्तों को दो साल तक इंतजार करना पड़ता है।

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महाकुंभ में प्रसिद्ध अखाड़े

महाकुंभ की शान हैं अखाड़े। महाकुंभ में अखाड़े केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। तपस्वियों, संतों और आध्यात्मिक अभ्यासकर्ताओं से बने ये समूह भारत की आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित हैं।

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बिश्नोई पन्थ के उनतीस नियम!

बिश्नोई पन्थ के उनतीस नियम निम्नलिखित हैं: तीस दिन सूतक, पांच ऋतुवन्ती न्यारो। सेरो करो स्नान, शील सन्तोष शुचि प्यारो॥...

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12 ज्योतिर्लिंग: भक्त कहाँ पवित्र शिवलिंग को छू सकते हैं?

12 ज्योतिर्लिंगों में दर्शन और स्पर्श के नियम हर मंदिर में एक जैसे नहीं हैं। कुछ मंदिरों में श्रद्धालुओं को सीधे पवित्र शिवलिंग का स्पर्श करने या पूजा करने की अनुमति होती है, जबकि अन्य मंदिरों में शिवलिंग को छूने पर प्रतिबंध होता है और दर्शन निर्धारित दूरी से करने होते हैं।

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भद्रा विचार क्या है

जब भी किसी शुभ और शुभ कार्य का शुभ मुहूर्त देखा जाता है तो उसमें भद्रा का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है और कोई भी शुभ कार्य भद्रा के समय को छोड़कर दूसरे मुहूर्त में किया जाता है।

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विविध: आर्य समाज के नियम

ईश्वर सच्चिदानंदस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनंत, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वांतर्यामी, अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्ता है, उसी की उपासना करने योग्य है।

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हनुमान चालीसा, लाभ, पढ़ने का सही समय, क्यों पढ़ें?

क्या आप प्रभु हनुमान की शक्ति में विश्वास करते हैं? Bhaktibharat के साथ अपने विचार साझा करें।...

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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम मे मंदिरों का योगदान - ब्लॉग

सनातन परंपरा के मुख्य केंद्र मंदिर, इस अभूतपूर्व घटना का साक्षी बनाने से अपने को कैसे रोक पता? आइए जानते हैं किस-किस मंदिर का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान रहा।

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मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है?

मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि दोनों में ही भगवान शिव की पूजा का विधान है, लेकिन फिर भी दोनों को एक दूसरे से अलग माना जाता है।

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जगन्नाथ मंदिर प्रसाद को 'महाप्रसाद' क्यों कहा जाता है?

जगन्नाथ मंदिर में सदियों से पाया जाने वाला महाप्रसाद लगभग 600-700 रसोइयों द्वारा बनाया जाता है, जो लगभग 50 हजार भक्तों के बीच वितरित किया जाता है।

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Navratri Specials 2026 - Navratri Specials 2026

मंदिर

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
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