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13 जुलाई गुरु पूर्णिमा पर डिजिटल बाबा

13 जुलाई गुरु पूर्णिमा पर मिलिये डिजिटल दौर के अनूठे आध्यात्मिक गुरु से जिनके कार्यशैली के कारण कहा जाता है डिजिटल बाबा।..

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चारों धाम दर्शन के बाद क्या करें?

चार धाम यात्रा का महत्व परमात्मा के साथ एक व्यक्तिगत अंतरंग और आध्यात्मिक अनुभव की तरह है। पवित्र यात्रा भक्त या अनुयायी और अत्यधिक पवित्र नदियों और स्थलों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाती है।

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आषाढ़ मास 2023

आषाढ़ मास या आदि हिंदू कैलेंडर का एक महीना है जो ग्रेगोरियन कैलेंडर में जून / जुलाई से मेल खाता है। भारत के कैलेंडर में, यह महीना वर्ष का चौथा महीना होता है। वैदिक ज्योतिष में आषाढ़ की शुरुआत सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश से होती है। यह दो महीनों में से पहला है जिसमें मनसून का मौसम शामिल है। बंगाली कैलेंडर में आषाढ़ तीसरा महीना होता है। इस साल रविवार 4 जून 2023 से सोमवार 3 जुलाई 2023 तक आषाढ़ मास की गणना है।

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जोशीमठ का संकट क्या है?

जोशीमठ, जिसे ज्योतिर्मठ के नाम से भी जाना जाता है, उत्तराखंड में 6150 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह बद्रीनाथ जैसे कई हिमालयी पर्वतारोहण अभियानों, ट्रेकिंग ट्रेल्स और तीर्थ केंद्रों का प्रवेश द्वार है। यह आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार प्रमुख पीठों में से एक है। 600 से अधिक संरचनाओं में या तो दरारें आ गई हैं या आंशिक रूप से नष्ट हो गई हैं।

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ज्योष्ठ माह

पारंपरिक हिंदू कैलेंडर में ज्योष्ठ माह वर्ष का तीसरा महीना होता है। बंगाल में यह बंगाली कैलेंडर का दूसरा महीना है। तमिल में, महीने को आनी के नाम से जाना जाता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ज्येष्ठ सूर्य के वृष राशि में प्रवेश के साथ शुरू होता है, और वैष्णव शास्त्र के अनुसार यह वर्ष का दूसरा महीना होता है।

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अब आप 10% डिस्काउंट कूपन: भक्तिभारत कूपन कोड का उपयोग करके कम कीमत पर ईकोक्राफ्ट के धार्मिक और आध्यात्मिक उत्पाद ऑनलाइन खरीद सकते हैं।

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माता मीरा

मां मीरा एक फकीर हैं, जो यहां लोगों की मदद के लिए आई है। वह कहती हैं: "आप किसी भी मार्ग, किसी भी धर्म, किसी भी गुरु और किसी भी तकनीक का अनुसरण कर सकते हैं, अगर आपको मदद और आशीर्वाद की जरूरत है तो मैं आपके लिए मौजूद रहूंगी।"

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भक्ति भारत की ओर से नववर्ष 2023 की हार्दिक शुभकामनाएं

भक्तिभारत अपने सभी उपयोगकर्ताओं को नववर्ष 2023 की हार्दिक शुभकामनाएं देता है “नया साल आपके लिए खुशी, शांति और समृद्धि लाए”।

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जर्मनी के प्रसिद्ध हिंदू मंदिर

जर्मनी के हिंदू मंदिर देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता में योगदान करते हैं। जर्मनी के हिंदू धर्म अनुयायी ने पूरे देश में मंदिरों की स्थापना की है। यहां, हम आपके साथ जर्मनी के कुछ प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों को साझा कर रहे हैं।

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धन्यवाद 2022: भक्तिभारत के साथ जुड़े रहने के लिए

भक्तिभारत के और से आपको बहुत बहुत आभार 2022 पुरे साल हमसे जुड़े रहने के लिए! हम सदैब प्रयास करते रहें की आपको धार्मिक, मंदिर, त्यौहार, तिथि, आरती, भजन, कथा, मंत्र, वंदना, चालीसा, प्रेरक कहानियां, नामावली की प्रामाणिक जानकारी प्रदान करें।

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कब आता है अधिक मास, क्या है इसका पौराणिक आधार?

शास्त्रों में अधिक मास को मल मास या पुरुषोत्तम मास कहा गया है। हिन्दू पंचांग के अनुसार साल 2023 में मलमास की शुरुआत 18 जुलाई से होगी और 16 अगस्त 2023 तक रहेगी।

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तारतम सागर

श्री तारतम सागर श्री कृष्ण प्रणामी धर्म का प्रमुख ग्रन्थ है। इस महान ग्रन्थ को विभिन्न नामों से भी जाना जाता है जैसे तारतम सागर कुलजाम स्वरूप, तारतम वाणी, श्री मुखवाणी, श्री स्वरूप साहिब। इसे विक्रम संवत 1715 में महामती प्राणनाथ जी ने लिखा था।

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पौष मास 2022

पौष मास, यह हिंदू महीना मार्गशीर्ष मास के बाद आता है, जो हिंदू कैलेंडर के अनुसार 10वां महीना है। पौष मास दिसंबर के महीने में पूर्णिमा या अमावस्या से शुरू होता है। शिशिर ऋतु को पौष का शीत मास कहा जाता है जो विभिन्न श्राद्ध कर्मों और पिंडदान के लिए शुभ माना जाता है। इस दौरान सूर्य देव की पूजा की जाती है।

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तुलसी पूजन दिवस

श्री तुलसी महारानी पूजन हेतु! आज का विशेष.. तुलसी पूजन उत्सव 25 दिसंबर को ही मनाया जाता है।

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2023 शरद विषुव | सितंबर विषुव

ग्रीष्म संक्रांति तब होती है जब पृथ्वी का सूर्य की ओर झुकाव अधिकतम होता है। इसलिए, ग्रीष्म संक्रांति के दिन, सूर्य दोपहर की स्थिति के साथ अपनी उच्चतम ऊंचाई पर दिखाई देता है जो ग्रीष्म संक्रांति से पहले और बाद में कई दिनों तक बहुत कम बदलता है। 21 जून उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन होता है, तकनीकी रूप से इस दिन को ग्रीष्म संक्रांति कहा जाता है। ग्रीष्म संक्रांति के दौरान उत्तरी गोलार्ध में एक विशिष्ट क्षेत्र द्वारा प्राप्त प्रकाश की मात्रा उस स्थान के अक्षांशीय स्थान पर निर्भर करती है।

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