Shri Krishna Bhajan
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लड्डू गोपाल आकार चार्ट

लड्डू गोपाल रूप भगवान कृष्ण के सबसे लोकप्रिय रूपों में से एक है। लड्डू गोपाल के आकार ?

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अन्नदान को 'महापुण्य' क्यों कहा जाता है?

हिंदू परंपरा में अन्नदान (भोजन का दान) को "महापुण्य" (सबसे बड़ा पुण्य) कहा जाता है क्योंकि यह सीधे तौर पर जीवन को बनाए रखता है। कई हिंदू धर्मग्रंथ सिखाते हैं कि दान के सभी रूपों में, भूखों को भोजन कराना सबसे नेक कामों में से एक है।

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अधर पणा

अधर पणा अनुष्ठान आषाढ़ महीने त्रयोदशी तिथि पर पुरी जगन्नाथ मंदिर में आयोजित किया जाता है।

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शिव ने शिवा को बताया भक्ति क्या है?

भगवान शिव ने देवी शिवा अर्थात आदिशक्ति महेश्वरी सती को उत्तम भक्तिभाव के बारे मे इस प्रकार बताया..अरुणोदयमारभ्य सेवाकालेऽञ्चिता हृदा। निर्भयत्वं सदा लोके स्मरणं तदुदाहृतम्॥

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Cardiogen

Cardiogen: A Systems-Level Exploration of a Regulatory Peptide

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नवकलेवर

जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की कई अलौकिक महानताएं हैं। इनमें नवकलेवर एक बहुत बड़ा अलौकिक पर्व है। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र की मूर्तियों को हर 12 साल में बदल दिया जाता है।

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मंगल दोष क्या है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि मंगल किसी की कुंडली के चौथे भाव, लग्न भाव, सप्तम भाव, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित हो तो यह मंगल दोष माना जाता है।

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जैन ध्वज क्या है?

जैन धर्म में जैन ध्वज महत्वपूर्ण है और इसके अनुयायियों के लिए एकता के प्रतीक के रूप में कार्य करता है। विभिन्न समारोहों के दौरान जैन ध्वज मंदिर के मुख्य शिखर के ऊपर फहराया जाता है।

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कनाडा के प्रसिद्ध दस हिंदू मंदिर

कनाडा देश दुनिया के सबसे धर्मनिरपेक्ष देशों में से एक है। कुछ दशकों में हिंदुओं ने कनाडा के जीवन के तरीके को इतना प्रभावित किया है कि वे सबसे बड़े समुदायों में से एक हैं। देश भर में मंदिर समितियां हैं जो कनाडा में हिंदू मंदिरों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी लेती हैं। यहां हमने कनाडा के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताया है।

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हवन में आम की लकड़ी ही क्यों?

सनातन धर्म में हवन के बिना पूजा का कोई विधान नहीं है। हवन को 10 से 15 मिनट में भी किया जा सकता है। हवन कहीं भी साफ-शुद्ध जगह किया जा सकता है,हवन को सीमित साधनों से भी किया जा सकता है।

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मृत्यु के बाद तेरहवी क्यों की जाती है?

हिन्दू धर्म में मृत्यु के 13 दिनों तक शोक मनाया जाता है और फिर तेरहवें दिन ब्राह्मण भोज का आयोजन किया जाता है ताकि मृतक की आत्मा को शांति मिले और ईश्वर के धाम में स्थान मिले। तेरह दिनों की इस अवधि को तेरहवी के नाम से जाना जाता है। गरुड़ पुराण के अनुसार यदि मृतक की तेरहवीं न हो तो उसकी आत्मा पिशाच योनि में भटकती रहती है।

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स्नान यात्रा

स्नान यात्रा जो कि देवस्नान पूर्णिमा या स्नान पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है।

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महाकुंभ में प्रसिद्ध अखाड़े

महाकुंभ की शान हैं अखाड़े। महाकुंभ में अखाड़े केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। तपस्वियों, संतों और आध्यात्मिक अभ्यासकर्ताओं से बने ये समूह भारत की आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित हैं।

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माता गंगा की मूर्ति पूजा क्यों वर्जित है जबकि गंगा जल शुभ है?

गंगाजल को हिन्दू धर्म में बहुत ही पवित्र माना जाता है। इसलिए इसे घर में रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन फिर मां गंगा की मूर्ति को घर में रखने की मनाही क्यों है। माता गंगा को हिन्दू धर्म में पवित्र, पूजनीय और माता माना गया है। इसलिए गंगा स्नान से लेकर घर में गंगाजल रखने तक को महत्वपूर्ण और लाभकारी बताया गया है।

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ग्रीष्म संक्रांति | जून संक्रांति

ग्रीष्म संक्रांति तब होती है जब पृथ्वी का सूर्य की ओर झुकाव अधिकतम होता है। इसलिए, ग्रीष्म संक्रांति के दिन, सूर्य दोपहर की स्थिति के साथ अपनी उच्चतम ऊंचाई पर दिखाई देता है ।

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Sawan 2026 - Sawan 2026
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