Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

स्वस्ति / स्वस्तिक मंत्र (Swasti Mantra Or Swastivachan)


स्वस्ति / स्वस्तिक मंत्र
स्वस्ति मन्त्र शुभ और शांति के लिए प्रयुक्त होता है। स्वस्ति = सु + अस्ति = कल्याण हो। ऐसा माना जाता है कि इससे हृदय और मन मिल जाते हैं। स्वस्ति मन्त्र का पाठ करने की क्रिया स्वस्तिवाचन कहलाती है।
ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः।
स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः।
स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः।
स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

हिन्दी भावार्थ:
महान कीर्ति वाले इन्द्र हमारा कल्याण करो, विश्व के ज्ञानस्वरूप पूषादेव हमारा कल्याण करो। जिसका हथियार अटूट है ऐसे गरुड़ भगवान हमारा मंगल करो। बृहस्पति हमारा मंगल करो।
नवरात्रि 2026 की तारीखें
Navratri 2026 Dates
दिन तिथि नवरात्रि में देवी के नाम रँग
19 मार्च अमावस्या माता शैलपुत्री पूजा, नवरात्रि घटस्थापना, नववर्ष पीला
20 मार्च द्वितीया माता ब्रह्मचारिणी पूजा, चेटी चंड हरा
21 मार्च तृतीया माता चंद्रघंटा पूजा, मत्स्य जयन्ती, गणगौर स्लेटी
22 मार्च चतुर्थी माता कुष्मांडा पूजा नारंगी
23 मार्च पंचमी माता स्कंद माता पूजा, लक्ष्मी पंचमी सफ़ेद
24 मार्च षष्ठी माता कात्यायनी पूजा, , यमुना छठ लाल
25 मार्च सप्तमी माता कालरात्रि पूजा गहरा नीला
26 अप्रैल अष्टमी महा गौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी, महागौरी पूजा, अन्नपूर्णा अष्टमी, सन्धि पूजा, राम नवमी, माता सिद्धिदात्री पूजा गुलाबी
27 मार्च नवमी नवरात्रि पारण, स्वामीनारायण जयंती बैंगनी

Swasti Mantra Or Swastivachan in English

Om Swasti Na Indro Vridhashravah. Swasti Naah Pusha Vishwavedaah. Swasti Nastarkshyo Arishtanemih.
यह भी जानें

Mantra Vedic MantraVed MantraSwasti MantraSwastivachan MantraMangal Mantra

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत्र

मुनीन्द्र वृन्द वन्दिते त्रिलोक शोक हारिणि, प्रसन्न वक्त्र पण्कजे निकुञ्ज भू विलासिनि, व्रजेन्द्र भानु नन्दिनि व्रजेन्द्र सूनु संगते..

मधुराष्टकम्: अधरं मधुरं वदनं मधुरं

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं। हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं॥

शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र

॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।

श्री रुद्राष्टकम्

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...

द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम्

सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम् । भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ॥..

शिव स्तुति: ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं

ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं, वन्दे जगत्कारणम् । वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं..

महामृत्युंजय मंत्र

मंत्र के 33 अक्षर हैं जो महर्षि वशिष्ठ के अनुसार 33 कोटि(प्रकार)देवताओं के द्योतक हैं।

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP