॥ श्री माँ कामाख्या आरती ॥
जय कामाख्या माँ, जय कामाख्या माँ।
शक्ति स्वरूपा अम्बे, जय कामाख्या माँ॥
नीलाचल गिरि पर माँ, तेरा पावन धाम।
तेरे दर्शन से माता, सफल हो हर काम॥
जय कामाख्या माँ, जय कामाख्या माँ।
शक्ति स्वरूपा अम्बे, जय कामाख्या माँ॥
आदि शक्ति जगदम्बे, तू ही जग की शान।
तेरी महिमा अपरंपार, तेरा ऊँचा नाम॥
दीन-दुखी जो द्वार आए, खाली कभी न जाए।
माँ की कृपा पाकर भक्त, जीवन सुखमय पाए॥
जय कामाख्या माँ, जय कामाख्या माँ।
शक्ति स्वरूपा अम्बे, जय कामाख्या माँ॥
रक्तवर्णा रूप तेरा, शोभा अति अपार।
तेरे चरणों में माता, बारंबार नमस्कार॥
मनोकामना पूर्ण करो, हे माँ जगदम्बे।
अपने भक्तों पर सदा, कृपा करो अम्बे॥
जय कामाख्या माँ, जय कामाख्या माँ।
शक्ति स्वरूपा अम्बे, जय कामाख्या माँ॥
तेरी ज्योति से जगमग, हो मेरा संसार।
भक्ति देना माँ चरणों की, कर लेना भव पार॥
तन-मन-धन सब अर्पित, तेरे चरणों में माँ।
सदा बनी रहे कृपा, हे मेरी कामाख्या माँ॥
जय कामाख्या माँ, जय कामाख्या माँ।
शक्ति स्वरूपा अम्बे, जय कामाख्या माँ॥
॥ माँ कामाख्या की जय ॥
॥ आदि शक्ति जगदम्बा की जय ॥