Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

बैल दी सवारी कर आया हो - भजन (Bail Di Swari Kar Aaya Ho)


बैल दी सवारी कर आया हो - भजन
बैल दी सवारी कर आया हो
मेरा भोला भंडारी,
भोला भंडारी मेरा,
शम्भू जटाधारी,
बैल दी सवारी कर आया हो
मेरा भोला भंडारी,
उचियाँ कैलाशा शिव भोले वसदा,
भगता दे जेह्डा कष्ट जो हरदा,
शंकर शंकट हरी हो,
मेरा भोला भंडारी,

बैल दी सवारी कर आया हो
मेरा भोला भंडारी

भगता दा भोला सदा रखवाला,
दुष्टा दे लई बन्दा बाला,
थूढू बाबा जटा ओह खिलारी हो,
मेरा भोला भंडारी,

बैल दी सवारी कर आया हो
मेरा भोला भंडारी

गले विच सरपा दी माला न्यारी,
मृगशाला भी लगदी प्यारी,
कैसा रूप बनाया हो,
मेरा भोला भंडारी,

बैल दी सवारी कर आया हो
मेरा भोला भंडारी
बैल दी सवारी कर आया हो
मेरा भोला भंडारी

Bail Di Swari Kar Aaya Ho in English

Bail Di Sawari Kar Aaya Ho Mera Bhola Bhandari, Bhola Bhandari Mera, Shambhu JatadharI
यह भी जानें

Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanSavan BhajanMonday BhajanSomvar BhajanSolah Somvar BhajanJyotirling BhajanShiv Vivah BhajanPunjabi BhajanSher Singh Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

अपनी चौखट पर बुला ले एक बार - भजन

हे माँ... हे माँ... हे माँ... तरस रही हैं आँखें मेरी, माँ दिखा दे दीदार, पर्वत की रानी, त्रिकुटा भवानी, सुन ले मेरी पुकार, मैया... अपनी चौखट पे बुला ले एक बार।

महाकाल की गुलामी मेरे काम आ रही है - भजन

महाकाल की गुलामी, मेरे काम आ रही है, उनकी ही कृपा से, एकदम मस्त जिंदगी है..

महाकाल से नाता है - भजन

उनके सिवा अब इस दिल को, कोई और नहीं भाता है, महाकाल से नाता है, मेरा महाकाल से नाता है, महादेव से नाता है, मेरा महादेव से नाता है

महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल कर दिया - भजन

तेरे कलयुग में भी भक्तो ने कमाल कर दिया, हो जय श्री महाकाल के नारे ने धमाल कर दिया, महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल कर दिया,
महाकाल तेरी भक्ति ने बवाल कर दिया ॥

श्री हनुमान बाहुक

असहनीय कष्टों से हताश होकर अन्त में उसकी निवृत्ति के लिये गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमानजी की वन्दना आरम्भ की जो कि ४४ पद्यों के हनुमानबाहुक प्रसिद्ध स्तोत्र लिखा।

अमृत की बरसे बदरीया - भजन

अमृत की बरसे बदरीया, बाबा की दुअरिया, अमृत की बरसें बदरीया, बाबा की दुअरिया ॥

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी - भजन

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे । मन मंदिर की जोत जगा दो..

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP