Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

गौंरी सुत गणराज गजानन, विघ्न हरण मंगल कारी: भजन (Gauri Sut Ganraj Gajanan Vighna Haran Mangal Kari)


गौंरी सुत गणराज गजानन, विघ्न हरण मंगल कारी: भजन
गौरी सुत गणराज गजानन,
विघ्न हरण मंगल कारी,
जो नर तुमको प्रथम मनावे,
जो नर तुमको प्रथम मनावे,
दुविधा मिट जावे सारी,
गौंरी सुत गणराज गजानन,
विघ्न हरण मंगल कारी ॥
प्रथम पूज्‍यनिय तू है बाबा तेरा,
सबसे पहले ध्यान किया,
बाधाओं से मुक्ति पाने,
तेरा ही आह्वान किया,
आओ सवारो काज हमारे,
बल बुद्धि के भंडारी,
गौंरी सुत गणराज गजानन,
विघ्न हरण मंगल कारी,
गौंरी सुत गणराज गजानन ॥

शिव शंकर के लाल पधारो,
आज हमारे कीर्तन में,
आकर पूरी कर देना प्रभु,
जो भी आशा है मन में,
तेरे स्वागत की कर ली है,
हमने सारी तैयारी,
गौंरी सुत गणराज गजानन,
विघ्न हरण मंगल कारी,
गौंरी सुत गणराज गजानन ॥

रिद्धि सिद्धि को भी संग में लाना,
गौरीपुत्र गणेश मेरे,
भर देना भंडार हमारे,
बिगड़े काम बने मेरे,
रखना हरी भरी प्रभु तुम हरदम ,
भक्तों की ये फुलवारी,
गौंरी सुत गणराज गजानन,
विघ्न हरण मंगल कारी,
गौंरी सुत गणराज गजानन ॥

गौरी सुत गणराज गजानन,
विघ्न हरण मंगल कारी,
जो नर तुमको प्रथम मनावे,
जो नर तुमको प्रथम मनावे,
दुविधा मिट जावे सारी,
गौंरी सुत गणराज गजानन,
विघ्न हरण मंगल कारी ॥

Gauri Sut Ganraj Gajanan Vighna Haran Mangal Kari in English

Gauri Sut Ganraj Gajanan, Vighna Haran Mangal Kari, Jo Nar Tumhai Pratham Manavo, Jo Nar Tumhai Pratham Manavo, Dubidha Mit Jave Sari, Gauri Sut Ganraj Gajanan, Vighna Haran Mangal Kari ॥
यह भी जानें

Bhajan Vighneswaray BhajanShri Ganesh BhajanShri Vinayak BhajanGanpati BhajanGanpati Bappa BhajanGaneshotsav BhajanGajanan BhajanGanesh Chaturthi BhajanChaturthi Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

श्री हनुमान बाहुक

असहनीय कष्टों से हताश होकर अन्त में उसकी निवृत्ति के लिये गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमानजी की वन्दना आरम्भ की जो कि ४४ पद्यों के हनुमानबाहुक प्रसिद्ध स्तोत्र लिखा।

अमृत की बरसे बदरीया - भजन

अमृत की बरसे बदरीया, बाबा की दुअरिया, अमृत की बरसें बदरीया, बाबा की दुअरिया ॥

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी - भजन

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे । मन मंदिर की जोत जगा दो..

हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे: भजन

हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे, सुन सांवरे हारे का सहारा, तेरा नाम रे ॥

भजन: हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना..

हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना, लागी लगन मत तोडना, प्यारे लागी लगन मत तोडना...

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।..

एक हरि को छोड़ किसी की चलती नहीं है मनमानी - भजन

एक हरि को छोड़ किसी की, चलती नहीं है मनमानी, चलती नही है मनमानी......

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP