भक्ति भारत को फेसबुक पर फॉलो करें!

तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम...


तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम, मेरे अलबेले श्याम।
अलबेले श्याम मेरे मतवाले श्याम॥

घर बार छोड़ा सब तेरी लगन में,
बाँवरी भई डोलूं ब्रिज की गलिन में।
मेरे स्वांसो की माला तेरे नाम, मेरे अलबेले श्याम॥

सांवरे सलोने यही विनती हमारी,
करदो कृपा मैं हूँ दासी तुम्हारी।
तेरी सेवा करूँ आठों याम, मेरे अलबेले श्याम॥

जब से लड़ी निगोड़ी तेरे संग अखियाँ,
चैन नहीं, दिन मैं काटूं रो रो के रतियाँ।
तूने कैसा दिया यह इनाम, मेरे अलबेले श्याम॥

आऊँगी मिलन को तुमसे कर के बहाने,
सांस रूठे, जेठानी मारे सो सो ताने।
हूँ घर घर में मैं तो बदनाम, मेरे अलबेले श्याम॥

तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम, मेरे अलबेले श्याम।
अलबेले श्याम मेरे मतवाले श्याम॥

ये भी जानें

BhajanShri Krishna BhajanJanmashtami BhajanNikunj Kamra Bhajan


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

माँ सरस्वती! मुझको नवल उत्थान दो।

मुझको नवल उत्थान दो । माँ सरस्वती! वरदान दो ॥ माँ शारदे! हंसासिनी...

हे वीणा वादिनी सरस्वती, हंस वाहिनी..

हे वीणा वादिनी सरस्वती, हंस वाहिनी सरस्वती, विद्या दायिनी सरस्वती...

माँ शारदे कहाँ तू, वीणा बजा रही हैं!

माँ शारदे कहाँ तू, वीणा बजा रही हैं, किस मंजु ज्ञान से तू...

माँ! मुझे तेरी जरूरत है।

माँ ! मुझे तेरी जरूरत है। कब डालोगी, मेरे घर फेरा, तेरे बिन, जी नहीं लगता मेरा...

मेरा हाथ पकड़ ले रे, कान्हा..

मेरा हाथ पकड़ ले रे, कान्हा दिल मेरा घबराये, काले काले बादल...

जय जय शनि देव महाराज!

जय जय शनि देव महाराज, जन के संकट हरने वाले। तुम सूर्य पुत्र बलिधारी...

ज्योत से ज्योत जगाते चलो...

ज्योत से ज्योत जगाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो, राह में आये जो दीन दुखी, सब को गले से लगते चलो...

तेरे द्वार खड़ा भगवान, भक्त भर...

तेरे द्वार खड़ा भगवान, भक्त भर दे रे झोली। तेरा होगा बड़ा एहसान...

भजन: तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये!

साँची ज्योतो वाली माता, तेरी जय जय कार। तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये।

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं।

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम।

close this ads
^
top