तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का - भजन (Tune Ajab Racha Bhagwan Khilona Mati Ka)


तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का - भजन

तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का,
माटी का रे, माटी का,
माटी का रे, माटी का,
तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का ।

कान दिए हरी भजन सुनन को,
हो कान दिए हरी भजन सुनन को,
तु मुख से कर गुणगान,
खिलौना माटी का ।
तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का ।

जीभा दी हरी भजन करन को,
हो जीभा दी हरी भजन करन को,
दी आँखे कर पहचान,
खिलौना माटी का ।
तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का ।

शीश दिया गुरु चरण झुकन को,
हो शीश दिया गुरु चरण झुकन को,
और हाथ दिए कर दान,
खिलौना माटी का ।
तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का ।

सत्य नाम का बना का बेडा,
हो सत्य नाम का बना का बेडा,
और उतरे भव से पार,
खिलौना माटी का ।
तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का ।

Tune Ajab Racha Bhagwan Khilona Mati Ka in English

racha hai Srishti ko jis prabhu ne, vahi ye Srishti chala rahe hai, jo ped hamne lagaya pahale...
यह भी जानें

Bhajan Arya Samaj BhajanVed BhajanVedic BhajanHawan BhajanYagya BhajanMotivational BhajanMorning BhajanDainik BhajanDaily BhajanPrarthana BhajanVandana BhajanJain BhajanJainism BhajanSchool BhajanInspirational BhajanShanti Dham BhajanGayatri BhajanGayatri Paiwar BhajanAWGP Pragya BhajanTripti Shaqya Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

संकट के साथी को हनुमान कहते हैं: भजन

दुनिया के मालिक को भगवान कहते हैं, संकट के साथी को हनुमान कहते हैं॥

उड़े उड़े बजरंगबली, जब उड़े उड़े - भजन

उड़े उड़े बजरंगबली, जब उड़े उड़े, हनुमान उड़े उड़ते ही गये, सब देख रहे है..

झुमर झलके अम्बा ना, गोरा गाल पे रे: भजन

ऐ भई रे भई रे, ढोलीड़ा तने विनवु रे, म्हारी माता सारू, ढोल वगाडजो रे, झुमर झलके अम्बा ना, गोरा गाल पे रे ॥

मिश्री से भी मीठा नाम तेरा: भजन

मिश्री से भी मीठा नाम तेरा, तेरा जी मैया, ऊँचे पहाड़ो पर डेरा डेरा जी, तेरा मंदर सुनहरी शेरावालिये ॥

मन के मंदिर में प्रभु को बसाना: भजन

मन के मंदिर में प्रभु को बसाना, बात हर एक के बस की नहीं है, खेलना पड़ता है जिंदगी से, भक्ति इतनी भी सस्ती नहीं है ॥

नन्द बाबा के अंगना देखो बज रही आज बधाई: भजन

नन्द बाबा के अंगना देखो, बज रही आज बधाई, नगाड़ा जोर से बजा दे, मैं नृत्य करन को आई, नगाड़ा जोर से बजा दे, मैं नृत्य करन को आई ॥

शिव समा रहे मुझमें: भजन

शिव समा रहे मुझमें, और मैं शुन्य हो रहा हूँ, शिव समा रहे मुझमें..

मंदिर

Subscribe BhaktiBharat YouTube Channel
Subscribe BhaktiBharat YouTube Channel