नवरात्रि विशेष 2026 - Navratri Specials 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

दान की बड़ी महिमा - प्रेरक कहानी (Daan Ki Badi Mahima)


Add To Favorites Change Font Size
एक बार राजा भोज एक जंगल के रास्ते से जा रहे थे। साथ में उनके राजकवि पंडित धनपाल भी थे। रास्ते में एक विशाल बरगद के पेड़ में मधुमक्खियों का एक बहुत बड़ा छत्ता लगा था। जो शहद के भार से गिरने ही वाला था।
राजा भोज ने ध्यान से देखा तो पाया कि मधुमक्खियां उस छत्ते से अपने हाथ पैर घिस रही हैं। उन्होंने राजकवि से इसका कारण पूछा।
राजकवि बोले- महाराज ! दान की बड़ी महिमा है। शिवि, दधीचि, कर्ण, बलि आदि अनेक दानियों का नाम उनके न रहने के बाद भी चल रहा है।

जबकि केवल संचय करने और दान न करने वाले बड़े बड़े राजा महाराजाओं का आज कोई नाम लेने वाला भी नहीं है। इन मधुमक्खियों ने भी आजीवन केवल संचय ही किया है, कभी दान नहीं किया।

इसलिए आज अपनी संपत्ति को नष्ट होते देखकर इन्हें दुःख हो रहा है। इसीलिए ये अपने हाथ पैर घिस रही हैं। अतः आवश्यकता से अधिक संचय हमेशा दुःख का कारण होता है।
यह भी जानें

Prerak-kahani Daan Prerak-kahaniDonation Prerak-kahaniDonate Prerak-kahaniCharity Prerak-kahaniRaja Bhoj Prerak-kahaniMadhumakkhi Prerak-kahaniHoney Bee Prerak-kahaniPandit Dhanpal Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

Latest Prerak-kahani ›

ग्राम देवता की सीख का फल - प्रेरक कहानी

उन्हीं के संस्कारों का परिणाम ये हुआ कि आज कई पीढ़ियों के बाद भी उनका परिवार धर्म की राह पर चलता हुआ फल-फूल रहा है।..

कहीं बारिश हो गयी तो - प्रेरक कहानी

कहीं बारिश हो गयी तो! बारिश की एक बूँद तक नहीं गिरी थी। सभी बड़े परेशान थे। हरिया भी अपने बीवी-बच्चों के साथ जैसे-तैसे समय काट रहा था। ईश्वर में विश्वास रखें

मेरे पास भगवान का विज़िटिंग कार्ड है - प्रेरक कहानी

रात के एक बजा था, एक सेठ को नींद नहीं आ रही थी, वह घर में चक्कर पर चक्कर लगाये जा रहा था, पर चैन नहीं पड़ रहा था...

जब अर्जुन का घमंड चूर-चूर हुआ - प्रेरक कहानी

एक दिन श्रीकृष्ण, अर्जुन साथ घूम रहे थे। रास्ते में उनकी मुलाकात एक गरीब ब्राह्मण से हुई। उसका व्यवहार थोड़ा विचित्र था। वह सूखी घास खा रहा था और उसकी कमर से तलवार लटक रही थी।

जैसी संगत वैसी रंगत - प्रेरक कहानी

स्वार्थी या संग करोगे, स्वार्थी बन जाओगे। दानी का संग करोगे, दानी बन जाओगे। संतो, भक्तो का संग करोगे, तो प्रभु से प्रेम..

कर्म का भोग कैसे भोगते हैं? - प्रेरक कहानी

एक गाँव में एक किसान रहता था उसके परिवार में उसकी पत्नी और एक लड़का था। कुछ सालों के बाद पत्नी की मृत्यु हो गई..

रामायण से, श्री कृष्ण के पंख की कहानी

वनवास के दौरान माता सीताजी को प्यास लगी, तभी श्रीरामजी ने चारों ओर देखा, तो उनको दूर-दूर तक जंगल ही जंगल दिख रहा था। कुदरत से प्रार्थना की, हे वन देवता..

Navratri Specials 2026 - Navratri Specials 2026
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP