पौष बड़ा उत्सव | आज का भजन!

भजन: जय राम रमा रमनं समनं। (Jai Ram Rama Ramanan Samanan)


॥ छन्द: ॥
जय राम रमा रमनं समनं ।
भव ताप भयाकुल पाहि जनम ॥
अवधेस सुरेस रमेस बिभो ।
सरनागत मागत पाहि प्रभो ॥

राजा राम, राजा राम,
सीता राम,सीता राम ॥

दससीस बिनासन बीस भुजा ।
कृत दूरी महा महि भूरी रुजा ॥
रजनीचर बृंद पतंग रहे ।
सर पावक तेज प्रचंड दहे ॥

राजा राम, राजा राम,
सीता राम,सीता राम ॥

महि मंडल मंडन चारुतरं ।
धृत सायक चाप निषंग बरं ॥
मद मोह महा ममता रजनी ।
तम पुंज दिवाकर तेज अनी ॥

राजा राम, राजा राम,
सीता राम,सीता राम ॥

मनजात किरात निपात किए ।
मृग लोग कुभोग सरेन हिए ॥
हति नाथ अनाथनि पाहि हरे ।
बिषया बन पावँर भूली परे ॥

राजा राम, राजा राम,
सीता राम,सीता राम ॥

बहु रोग बियोगन्हि लोग हए ।
भवदंघ्री निरादर के फल ए ॥
भव सिन्धु अगाध परे नर ते ।
पद पंकज प्रेम न जे करते॥

राजा राम, राजा राम,
सीता राम,सीता राम ॥

अति दीन मलीन दुखी नितहीं ।
जिन्ह के पद पंकज प्रीती नहीं ॥
अवलंब भवंत कथा जिन्ह के ।
प्रिय संत अनंत सदा तिन्ह के ॥

राजा राम, राजा राम,
सीता राम,सीता राम ॥

नहीं राग न लोभ न मान मदा ।
तिन्ह के सम बैभव वा बिपदा ॥
एहि ते तव सेवक होत मुदा ।
मुनि त्यागत जोग भरोस सदा ॥

राजा राम, राजा राम,
सीता राम,सीता राम ॥

करि प्रेम निरंतर नेम लिएँ ।
पड़ पंकज सेवत सुद्ध हिएँ ॥
सम मानि निरादर आदरही ।
सब संत सुखी बिचरंति मही ॥

राजा राम, राजा राम,
सीता राम,सीता राम ॥

मुनि मानस पंकज भृंग भजे ।
रघुबीर महा रंधीर अजे ॥
तव नाम जपामि नमामि हरी ।
भव रोग महागद मान अरी ॥

राजा राम, राजा राम,
सीता राम,सीता राम ॥

गुण सील कृपा परमायतनं ।
प्रणमामि निरंतर श्रीरमनं ॥
रघुनंद निकंदय द्वंद्वघनं ।
महिपाल बिलोकय दीन जनं ॥

राजा राम, राजा राम,
सीता राम,सीता राम ॥

॥ दोहा: ॥
बार बार बर मागऊँ हरषी देहु श्रीरंग।
पद सरोज अनपायनी भगति सदा सतसंग॥
बरनि उमापति राम गुन हरषि गए कैलास।
तब प्रभु कपिन्ह दिवाए सब बिधि सुखप्रद बास॥

यह भी जानें

VandanaShri Ram VandanaShri Raghuvar VandanaRam Navmi VandanaSundarkand VandanaRamayan Path VandanaVijayadashami Vandana VandanaMata Sita VandanaRam Sita Vivah VandanaRambhadracharya Vandana


अगर आपको यह लेख पसंद आया, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

* यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें: यहाँ शेयर करें
** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ शेयर करें

भजन: जय राम रमा रमनं समनं।

जय राम राम रमनं समनं। भव ताप भयाकुल पाहि जनम॥ अवधेस सुरेस रमेस बिभो।...

श्री राम स्तुति: श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन!

श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं। नव कंज लोचन कंज मुख...

प्रार्थना: दया कर दान विद्या का!

देश के एक हजार से ज्यादा केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों द्वारा सुबह...

प्रार्थना: वह शक्ति हमें दो दया निधे!

उत्तर प्रदेश के साथ अधिकतर उत्तर भारत के सरकारी स्कूल में 1961 से ही गाई जाने वाली सबसे प्रसिद्ध प्रार्थना। वह शक्ति हमें दो दया निधे...

भगवान श्री चित्रगुप्त जी स्तुति - जय चित्रगुप्त यमेश तव!

जय चित्रगुप्त यमेश तव, शरणागतम् शरणागतम्। जय पूज्यपद पद्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम्॥

भजन: माँ शारदे वंदना, हे शारदे माँ।

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ।

आरती: माँ सरस्वती वंदना

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता, या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।...

प्रार्थना: हे प्रभो आनंद-दाता ज्ञान हमको दीजिए!

हे प्रभु आनंद-दाता ज्ञान हमको दीजिये, शीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजिए । लीजिये हमको शरण में...

ऐ मालिक तेरे बंदे हम!

ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम, नेकी पर चले और बदी से टले, ताकी हँसते हुये निकले दम...

संकट मोचन हनुमानाष्टक

बाल समय रवि भक्षी लियो तब।.. लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।...

top