हरी नाम सुमिर सुखधाम, हरी नाम सुमिर सुखधाम, जगत में जीवन दो दिन का...
कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा, हरी शरण आने के बाद । हर ख़ुशी मिल जायेगी तुझे..
हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो, हरि चरणारविन्द उर धरो
उठ खड़ा हो लक्ष्मण भैया जी ना लगे, लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥
चलो अयोध्या राम राज मे, सज़ा दीपो की थाली, पाप का कोई भाग नही है, चमके धर्म की लाली, हुई धन्य धरा ये अवध की, आये जो राम अयोध्या मे ॥