Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

जो विधि कर्म में लिखे विधाता - भजन (Jo Vidhi Karam Me Likha Vidhata)


जो विधि कर्म में लिखे विधाता - भजन
जो विधि कर्म में लिखे विधाता,
मिटाने वाला कोई नहीं,
वक्त पड़े पर गजभर कपड़ा,
देने वाला कोई नहीं ॥
वक्त पड़ा राजा हरीशचंद्र पे,
काशी जो बिके भाई,
रोहित दास को डसियो सर्प ने,
रोती थी उसकी माई ll
उसी समय रोहित को देखो,
बचाने वाला कोई नहीं,
वक्त पड़े पर गजभर कपड़ा,
देने वाला कोई नहीं ॥

जो विधि कर्म में लिखे विधाता,
मिटाने वाला कोई नहीं,
वक्त पड़े पर गजभर कपड़ा,
देने वाला कोई नहीं ॥

वक्त पड़ा देखो रामचंद्र पे,
वन को गए दोनों भाई,
राम गए और लखन गए थे,
साथ गई सीता माई ll
वन में हरण हुआ सीता का,
बचाने वाला कोई नहीं,
वक्त पड़े पर गजभर कपड़ा,
देने वाला कोई नहीं ॥

जो विधि कर्म में लिखे विधाता,
मिटाने वाला कोई नहीं,
वक्त पड़े पर गजभर कपड़ा,
देने वाला कोई नहीं ॥

वक्त पड़ा अंधी अंधों पे,
वन में सरवण मरन हुआ,
सुन करके सुत का मरना फिर,
उन दोनों का मरन हुआ ll
उसी श्राप से दशरथ मर गए,
जलाने वाला कोई नहीं,
वक्त पड़े पर गजभर कपड़ा,
देने वाला कोई नहीं ॥

जो विधि कर्म में लिखे विधाता,
मिटाने वाला कोई नहीं,
वक्त पड़े पर गजभर कपड़ा,
देने वाला कोई नहीं ॥

Jo Vidhi Karam Me Likha Vidhata in English

Jo Vidhi Karm Mein Likhe Vidhata, Mitane Wala Koi Nahin, Waqt Pade Par Gajbhar Kapda
यह भी जानें

Bhajan Arya Samaj BhajanVed BhajanVedic BhajanHawan BhajanYagya BhajanMotivational BhajanMorning BhajanDainik BhajanDaily BhajanSuresh Awasthi Bhajan

अन्य प्रसिद्ध जो विधि कर्म में लिखे विधाता - भजन वीडियो

जो विधि कर्म में लिखे विधाता - Shruti Dubey

जो विधि कर्म में लिखे विधाता - Anchal Tiwari

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये - भजन

साँची ज्योतो वाली माता, तेरी जय जय कार। तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये।

ओ माँ पहाड़ावालिये, सुन ले मेरा तराना - भजन

ओ माँ पहाड़ावालिये, सुन ले मेरा तराना ॥

पर्वत से उतर कर माँ, मेरे घर आ जाना - भजन

पर्वत से उतर कर माँ, मेरे घर आ जाना, मैं भी भगत तेरा, मेरा मान बढ़ा जाना ॥

मईया जी मेरे हाथ को, अब थाम लीजिये - भजन

मईया जी मेरे हाथ को, अब थाम लीजिये, मजबूर हूँ माँ मैं बड़ा, मजबूर हूँ माँ मैं बड़ा, अब ध्यान दीजिये, मईया जी मेरे हाथ को, अब थाम लीजिये ॥

लहर लहर लहरा गई रे, मेरी माँ की चुनरियाँ, माँ की चुनरियाँ: भजन

लहर लहर लहरा गई रे, मेरी माँ की चुनरियाँ, माँ की चुनरियाँ, मेरी माँ की चुनरियाँ, लहर लहर लहरा गयी रे, मेरी माँ की चुनरियाँ ॥

म्हारे मनड़े री डोर, दादी खींचो थारी ओर: भजन

म्हारे मनड़े री डोर, दादी खींचो थारी ओर, थासु विनती करा हां, दादी दोनों हाथा जोड़, म्हारे सिर पर हाथ फिराओ, म्हणे हिवड़े से लगाओ, म्हारी मावड़ी, म्हारें मनडे री डोर, दादी खींचो थारी ओर ॥

सच्चे मन से माँ की, ज्योत तुम जगाओ: भजन

सच्चे मन से माँ की, ज्योत तुम जगाओ, बिन मांगे सारे फल पाओ ॥

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP